ग्राउंड रिपोर्ट डायरी: जब नल-जल योजना के भ्रष्ट अधिकारियों को कैमरे पर घेरना पड़ा! (JE ने किया था फोन ब्लॉक)

📍 स्थान: वार्ड नंबर 10, ग्राम कचहरी बोरना (गोगरी, खगड़िया)
📅 दिनांक: 27 नवंबर 2021 (आर्काइव रिपोर्ट)
📝 रिपोर्ट: नवल किशोर सिंह (सरपंच एवं ग्राम एक्टिविस्ट)
📌 मुख्य बिंदु (Ground Report Highlights):
  • बोरना पंचायत में मुख्यमंत्री की 'हर घर नल का जल' योजना की ज़मीनी हकीकत का पर्दाफाश।
  • PHED के JE अवधेश द्वारा सरपंच और ग्रामीणों का नंबर ब्लॉक करने का कैमरे पर खुलासा।
  • ग्रामीणों का गुस्सा और बुजुर्ग ग्रामीण की गवाही: "पूरे पंचायत में योजना फेल है।"
  • सरपंच N K Singh के कड़े रुख के बाद ठेकेदार द्वारा 15 दिन के अंदर काम पूरा करने का अल्टीमेटम स्वीकार।

बिहार सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक— "हर घर नल का जल"। कागज़ों पर यह योजना जितनी सुनहरी दिखती है, ज़मीन पर इसका सच उतना ही स्याह और डरावना है। बोरना पंचायत के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे थे, और अधिकारी अपने एयर-कंडीशन्ड कमरों में बैठकर 'सब चंगा सी' का दावा कर रहे थे। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर जब मैंने इस सिस्टम से लड़ना शुरू किया, तो मुझे उस अहंकार का सामना करना पड़ा जो अक्सर सरकारी कुर्सियों पर बैठते ही अधिकारियों में आ जाता है।

बोरना पंचायत में नल-जल योजना की ज़मीनी हकीकत - जेई और ठेकेदार से पूछताछ करते सरपंच एन के सिंह
तस्वीर 01 : 📸 नल-जल योजना का ज़मीनी सच - बोरना पंचायत में JE अवधेश, ठेकेदार सचिन और ग्रामीण आमने-सामने। अधिकारियों से जवाब-तलब करते सरपंच नवल किशोर सिंह। (27 नवंबर 2021)

🔴 जब PHED के JE ने सरपंच और जनता का नंबर किया ब्लॉक!

बोरना पंचायत के अलग-अलग वार्डों से मेरे पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि नल-जल योजना के तहत पाइप तो बिछा दिए गए हैं, स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है, लेकिन पानी का नामोनिशान नहीं है। जब मैंने इस मामले में PHED विभाग के जेई (JE) अवधेश जी को फोन करना शुरू किया, तो उन्होंने जो किया वह हैरान करने वाला था। एक सरकारी अधिकारी, जिसकी ज़िम्मेदारी जनता की समस्या सुनना है, उसने मेरा और ग्रामीणों का नंबर ही 'ब्लॉक' कर दिया! उनका तर्क था कि उनके पास टाइम नहीं है और लोग उन्हें फोन करके 'परेशान' करते हैं।

लेकिन लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को ब्लॉक नहीं किया जा सकता। काफी दबाव, आग्रह और विनती के बाद, अंततः जेई अवधेश जी और नल-जल का काम देखने वाली एजेंसी के ठेकेदार (सचिन बाबू) को बोरना पंचायत के वार्ड नंबर 10 में ग्राउंड ज़ीरो पर आना ही पड़ा।

[मूल साक्ष्य / Original Evidence]: इस घटना का ओरिजिनल लाइव वीडियो 27 नवंबर 2021 को हमारे फेसबुक पेज पर पब्लिश किया गया था। ऐतिहासिक प्रामाणिकता के लिए आप वह ओरिजिनल फेसबुक वीडियो इस लिंक पर देख सकते हैं:

▶ Facebook Video Link

🟢 "पूरे पंचायत में योजना फेल है" - एक बुजुर्ग का दर्द

जैसे ही अधिकारी मौके पर पहुंचे, मैंने सीधा कैमरा ऑन किया और अधिकारियों के सामने ही गांव के एक बुजुर्ग बाबा से पूछा, "नीतीश कुमार जी की योजना है हर घर नल-जल... आपके यहाँ पानी आ रहा है?"

बाबा का जवाब पूरे सिस्टम के मुंह पर तमाचा था— "नहीं भाई, जब से तैयार हुआ है, ये सक्सेस नहीं है। पूरे बोरना पंचायत में कहीं कोई नल चालू नहीं है।"

बोरना पंचायत में नल-जल योजना की नाकामी पर सरपंच एन के सिंह को सच्चाई बताते हुए एक बुजुर्ग ग्रामीण बाबा
तस्वीर 02 : 💧 "पूरे पंचायत में पानी नहीं!" - नल-जल योजना की नाकामी पर गवाही देते बोरना पंचायत के बुजुर्ग ग्रामीण।

मैंने जेई अवधेश जी को बीच में रोका और सरेआम पूछा कि "आप फोन क्यों ब्लॉक करते हैं?" इस पर वो गोलमोल जवाब देने लगे कि "मैं सात नंबर वार्ड में हूँ, फिर भी आप लोग 10 नंबर वार्ड का कंप्लेंट करते हैं।"

🔴 उग्र ग्रामीण और ठेकेदार का 15 दिन का अल्टीमेटम

ग्रामीणों का सब्र अब टूट रहा था। भीड़ में से सवाल गूंजने लगे— "खत्म कब होगा काम? आधा दिन? चार दिन? पांच दिन?" इस बीच एजेंसी का ठेकेदार (सचिन बाबू) भीड़ के पीछे छुपने की कोशिश कर रहा था। मैंने उसे आगे खींचा और स्पष्ट कहा, "आप पीछे क्यों खड़े हैं? आगे आइए और जवाब दीजिए।"

सरेआम हुई इस बहस के बाद ठेकेदार सचिन बाबू ने कैमरे पर स्वीकार किया कि: "15 तारीख तक मेरा सारा काम खत्म हो जाएगा।" (यानी 15 से 20 दिन का अल्टीमेटम दिया गया)। इस फैसले पर वहां मौजूद ग्रामीणों ने तालियां बजाकर अपनी खुशी जाहिर की।

🟢 काम से बचने के लिए 'बिजली विभाग' का बहाना

बोरना पंचायत में नल-जल योजना की लापरवाही पर जेई अवधेश और ठेकेदार सचिन से तीखे सवाल करते ग्राम एक्टिविस्ट व सरपंच नवल किशोर सिंह
तस्वीर 03 : ⚠️ ऑन-स्पॉट क्लास - नल-जल योजना की लापरवाही पर ठेकेदार सचिन और JE अवधेश को अल्टीमेटम देते सरपंच एन के सिंह।

जब ठेकेदार को लगा कि अब वो पूरी तरह फंस चुके हैं, तो उन्होंने अपनी नाकामी का ठीकरा 'बिजली विभाग' पर फोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि "बिजली विभाग की वजह से जो त्रुटि है, उसकी गारंटी हम नहीं लेंगे।" जेई अवधेश जी ने भी उनका साथ देते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर का अर्थिंग कमजोर है, इसलिए वोल्टेज नहीं मिलता।

मैंने उन्हें वहीं रोक दिया। मैंने स्पष्ट किया कि पूरे पंचायत में सिर्फ एक प्लांट पर बिजली/ट्रांसफार्मर की समस्या हो सकती है, लेकिन इसके बहाने आप पूरे बोरना पंचायत को प्यासा नहीं रख सकते। अगर अर्थिंग की दिक्कत है, तो अलग से व्यवस्था करना और प्लांट को सुचारू रूप से चलाना एजेंसी का ही काम है। इस 'ऑन-स्पॉट' क्लास के बाद अधिकारियों को यह समझ आ गया कि बोरना पंचायत में हवा-हवाई बातें और फोन ब्लॉक करने की नीति अब नहीं चलेगी।

🎥 ग्राउंड रिपोर्ट का वीडियो साक्ष्य

▶ वीडियो का पूर्ण संवाद (Full Video Transcript & Key Moments)
0:00 नवल किशोर सिंह: मैं नवल किशोर सिंह सरपंच, मैं इस टाइम वार्ड नंबर 10 में खड़ा हूँ। और मैं बाबा से पूछना चाहता हूँ, नल-जल जो तैयार है, इनका कितना लाभ मिल रहा है? क्योंकि नीतीश कुमार जी की योजना है हर घर में नल और जल। आप बताइए बाबा कि जो पानी आपके यहां आ रहा है, पूरा आ रहा है?
0:24 बुजुर्ग ग्रामीण: नहीं भाई, अब तो जब से तैयार हुआ है ये सक्सेस नहीं है।
0:36 नवल किशोर सिंह: अच्छा, दूसरे वार्ड में है?
0:44 बुजुर्ग ग्रामीण: पूरे बोरना पंचायत में जो है ना ऐसा ही है। एकदम कहीं का देख लीजिए, कोई नल नहीं, कुछ नहीं पानी। कुछ नहीं! कुछ अगर मिलता तो फिर वो बताते। चलिए देख लीजिए कोई भी नल चालू है जी? कोई नहीं चालू है कोई नल।
1:02 नवल किशोर सिंह: और मैं इस टाइम... अभी हमारे पंचायत में जेई (JE) साहब और एजेंसी के जितने भी पदाधिकारी हैं, सारे पहुंचे हुए हैं। दिखाइए... ए जेई साहब इधर आइए।
1:21 नवल किशोर सिंह: ये हमारे बोरना पंचायत के पीएचईडी (PHED) जेई साहब हैं, और इनका नाम अवधेश जी है। हां, ये चीज है कि फोन करते तो ये फोन रिसीव नहीं करते हैं। इनके पास टाइम नहीं है। अगर ज्यादा कोई फोन किया तो उसका नंबर को ब्लॉक कर देते हैं। बड़ी मुश्किल से ये आग्रह-विनती करने के बाद पहुंचे हैं।
1:43 नवल किशोर सिंह: अब आप अगर हमें बुलाए हैं जी, तो आप जरा बताइए कि नंबर ब्लॉक आप क्यों किया? बात आप पे हो ही रही है...
1:59 जेई अवधेश: समस्या का... एक से दो तारीख के बीच सभी वार्डों में जहां त्रुटिपूर्ण है, काम स्टार्ट हो जाएगा एजेंसी के द्वारा। अगर नहीं होगा तो एजेंसी पे कारवाई...
2:08 ग्रामीण: खत्म कब होगा, कितना दिन लगेगा?
2:15 जेई अवधेश: देखिए खत्म... अगर त्रुटि बड़ा होगा तो समय पूरा...
2:24 नवल किशोर सिंह: सारे आप कितना टाइम लीजिएगा बताइए? कम से कम 15 से 20 दिन? आप इधर आइए, आइए जी...
2:40 नवल किशोर सिंह: आप खड़ा हो के साथ खड़े हो... जवाब दे रहे हैं आप पीछे होते हैं। 20 लीजिएगा तो 20 तारीख को खत्म रहना चाहिए। 20 दिन दे रहे हैं आपको, ये हमारा पंचायत फाइनल हो जाएगा।
3:12 सचिन बाबू (ठेकेदार): जो मेरी त्रुटि है वार्ड 10 में और अदर जो भी है... 15 तारीख तक मेरा सारा काम खत्म हो जाएगा।
3:22 नवल किशोर सिंह: चलिए इनके लिए सब ताली बजाइए लोग!
3:29 सचिन बाबू: मेरे थ्रू जो त्रुटि है... बिजली विभाग के तरफ से जो त्रुटि है उसकी हम गारंटी नहीं लेंगे, ठीक है?
3:46 जेई अवधेश: उनके ट्रांसफार्मर का जो अर्थिंग है वो शायद कमजोर है। जिससे क्या है, वो बोले कि सर किसी टाइम आपको हो सकता है वोल्टेज मिले, लोड कम हो उस समय तो मिले, हो सकता है कभी ना मिले।
4:18 सचिन बाबू: लेकिन ये भी कीजिए कि ट्रांसफार्मर अलग से गड़वाने का व्यवस्था करवा लीजिए। बस आप लोगों का सारा दुख, मेरा भी दुख दूर हो जाएगा...

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