पकरैल में जनसमस्या की तलाश से विद्युत पोल लगने तक: एक फोन कॉल से शुरू हुई पहल, समाधान तक जारी रहा प्रयास



Uploaded Image
Nk singh gram activate 

1️⃣ स्थानीय समाजसेवियों का फोन और सामने आई पेयजल की समस्या

पकरैल पंचायत के कुछ स्थानीय समाजसेवियों का फोन मेरे पास आया। फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि पंचायत के वार्ड संख्या 1 एवं 2 में PHED का पानी नहीं पहुंच रहा है। जलमीनार का चेक वाल्व खराब है, कई स्थानों पर घरों तक कनेक्शन नहीं दिया गया है और कुछ जगहों पर पाइपलाइन भी नहीं बिछाई गई है।

2️⃣ समस्या देखने के लिए 12 किलोमीटर की यात्रा

ग्रामीणों की सूचना को गंभीरता से लेते हुए 10 जून 2026 को मैं, एन.के. सिंह, ग्राम एक्टिविस्ट, सरपंच, ग्राम कचहरी बोरना, गोगरी, खगड़िया, बोरना से लगभग 12 किलोमीटर बुलेट मोटरसाइकिल से पकरैल पंचायत पहुंचा। इस दौरान दैनिक भास्कर के पत्रकार श्री विजय ठाकुर भी साथ रहे।

3️⃣ PHED व्यवस्था की मौके पर जांच

पकरैल पंचायत में पहुंचकर PHED की पेयजल व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया गया। वार्ड संख्या 2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र को भी जांच के दायरे में लिया गया। इस दौरान स्थानीय लोग भी मौजूद रहे, जिनमें मनोज कुमार विश्वकर्मा, प्रमोद सिंह सरपंच, प्रह्लाद कुमार, राजेश कुमार, जसवीर कुमार सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।

4️⃣ वापसी के दौरान सामने आई एक और गंभीर समस्या

Uploaded Image
पकरैल पंचायत भर्रहा पुल के समीप 

पेयजल व्यवस्था की जांच के बाद वापस लौटते समय भर्राहा पुल के पास स्थानीय निवासी अनिल कुंबले ने मुझे रोककर एक गंभीर समस्या से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि कई वर्षों से बांस के खंभों के सहारे एलटी बिजली का तार लटक रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बांस गाड़कर तार को किसी तरह बांध रखा था और इसी असुरक्षित व्यवस्था के सहारे बिजली का उपयोग किया जा रहा था।

5️⃣ अनिल कुंबले की सूचना महत्वपूर्ण रही

पेयजल समस्या की जांच के दौरान इस विद्युत समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया था। ऐसे में भर्राहा पुल के पास अनिल कुंबले द्वारा रोककर जानकारी देना इस पूरे मामले की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ। मैं उन्हें इस गंभीर समस्या की जानकारी देने के लिए धन्यवाद देता हूं।

6️⃣ तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दी

मामला सामने आते ही मैंने बिजली विभाग के सहायक अभियंता (AE) और कनीय अभियंता (JE) को फोन के माध्यम से समस्या से अवगत कराया। बांस के खंभे पर लगे एलटी तार की फोटो और वीडियो भी भेजी गई।

लेकिन इसके बाद भी तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। कभी कहा गया कि अभी पोल उपलब्ध नहीं है, कभी बताया गया कि ठेकेदार छुट्टी पर है और कई अन्य कारण बताए गए।

7️⃣ खतरा बना रहा, स्थानीय समाजसेवियों ने भी आवाज उठाई

समस्या जस की तस बनी रही। पकरैल पंचायत के स्थानीय समाजसेवियों ने भी समय-समय पर इस खतरे से बचने के लिए विभाग को अवगत कराया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी।

कई वर्षों से बांस के खंभे के सहारे लटक रहा एलटी तार किसी भी समय बिजली दुर्घटना का कारण बन सकता था।

8️⃣ 2 अक्टूबर को फिर उठाया मामला

जब लगातार प्रयास के बावजूद समाधान नहीं हुआ तो 2 अक्टूबर 2026 की शाम लगभग 5 बजे मैंने कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल खगड़िया से फोन पर बात की गई और व्हाट्सएप के माध्यम से लिखित आवेदन देकर उन्हें पूरी समस्या से अवगत कराया।

कार्यपालक अभियंता ने
Uploaded Image

तत्काल फोटो एवं वीडियो व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजने को कहा। मैंने उसी समय संबंधित फोटो और वीडियो उन्हें उपलब्ध करा दिए।

9️⃣ 24 घंटे भी नहीं हुए और विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी

Uploaded Image
विद्युत पोल गारने से करवाई शुरू

इस बार विद्युत विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। 3 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 11 बजे विभाग की ओर से पोल लगाने के कार्य में उपयोग होने वाला ट्रैक्टर, पोल/पीलिंग से संबंधित संसाधन तथा मजदूर-मिस्त्री को भर्राहा पुल के पास भेज दिया गया।

सबसे खुशी की बात यह रही कि 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे और वर्षों से लंबित विद्युत पोल लगाने का काम शुरू हो गया।

🔟 वर्षों से बांस के सहारे चल रही व्यवस्था का हुआ समाधान

Uploaded Image

भर्राहा पुल के पास जहां वर्षों से ग्रामीण बांस के खंभे के सहारे एलटी तार को संभालकर बिजली का काम चला रहे थे, वहां अब नए विद्युत पोल लगाने की कार्रवाई शुरू हुई। इससे स्थानीय लोगों में राहत और खुशी का माहौल बना।

यह सिर्फ पोल लगने की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताता है कि जनसमस्या को पहचानना, उसे सही विभाग तक पहुंचाना और समाधान होने तक लगातार प्रयास करना ही वास्तविक जनसेवा है।

1️⃣1️⃣ विद्युत विभाग के अधिकारियों को धन्यवाद

समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई करने के लिए मैं कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल खगड़िया, सहायक अभियंता, गोगरी तथा कनीय अभियंता, गोगरी सहित संबंधित विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मियों को बधाई एवं धन्यवाद देता हूं।

1️⃣2️⃣ ग्रामीणों ने भी सराहा प्रयास

विद्युत पोल लगाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और खुशी व्यक्त की।

समस्या समाधान फाउंडेशन का उद्देश्य किसी विभाग की आलोचना करना नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक समस्या को जिम्मेदार विभाग तक पहुंचाकर उसके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना है।

🟢 एक छोटी-सी पहल, बड़ा संदेश

Uploaded Image
विद्युत विभाग के सभी पदाधिकारियों को धनबाद

10 जून की एक ग्रामीण जांच के दौरान सामने आई समस्या, 2 अक्टूबर को फिर से उच्च अधिकारी तक पहुंचाई गई और 3 अक्टूबर को कार्रवाई शुरू हो गई।

समस्या बताना पहला कदम है,
समाधान होने तक प्रयास करते रहना ही असली जिम्मेदारी है।

— एन.के. सिंह
ग्राम एक्टिविस्ट | सरपंच, ग्राम कचहरी बोरना
गोगरी, खगड़िया, बिहार
समस्या समाधान फाउंडेशन

पुराने लेख खोजें