मीडिया में नवल- महादा प्राथमिक विद्यालय की दुर्दशा: बच्चों की सुरक्षा के लिए नवल किशोर सिंह ने उठाई आवाज़!

13 सितंबर 2025 को दैनिक भास्कर (खगड़िया संस्करण) ने बन्नी पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित महादा प्राथमिक विद्यालय की ढांचागत स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की।

इस रिपोर्ट में जर्जर सामुदायिक भवन में मिड-डे मील (MDM) के संचालन और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान ग्राम कचहरी बोरना के सरपंच नवल किशोर सिंह ने विद्यालय परिसर पहुँचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया।

एक नज़र में (Key Highlights):

  • मुख्य मुद्दा: बन्नी पंचायत के महादा प्राथमिक विद्यालय में जगह के अभाव और जर्जर सामुदायिक भवन में एमडीएम (MDM) का संचालन।
  • वर्तमान स्थिति: 130 नामांकित बच्चों के लिए केवल 2 कमरे उपलब्ध हैं। बाउंड्री वाल और खेल के मैदान का अभाव है, जिससे कक्षाएं बरामदे में चल रही हैं।
  • नागरिक हस्तक्षेप: नवल किशोर सिंह ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर इस असुरक्षित स्थिति पर चिंता व्यक्त की और सुधार की मांग रखी।
  • प्रकाशित: दैनिक भास्कर (खगड़िया संस्करण) - 13 सितंबर 2025
दैनिक भास्कर की 13 सितंबर 2025 की कटिंग, जिसमें नवल किशोर सिंह महादा प्राथमिक विद्यालय में जर्जर भवन को लेकर ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।
खगड़िया के दैनिक भास्कर के 13-09-2025 एडिशन की यह खबर

अखबार की पूरी रिपोर्ट: प्राथमिक विद्यालय महादा में एमडीएम का संचालन जर्जर सामुदायिक भवन में हो रहा

भास्कर न्यूज | महेशखूंट

बन्नी पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित प्राथमिक विद्यालय महादा के छात्र-छात्राओं के लिए एमडीएम का भोजन जर्जर सामुदायिक भवन में किए जाने से छात्र-छात्राओं के साथ अनहोनी की आशंका रहती है। विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या तकरीबन 130 है। प्रधानाध्यापक के अलावा चार महिला शिक्षक एवं चार पुरुष शिक्षक कार्यरत हैं।

विद्यालय में केवल दो वर्ग कक्ष उपलब्ध हैं, हालाँकि विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय एवं पेयजल के लिए नल है लेकिन जगह के अभाव में बाउंड्री वाल नहीं होने के कारण छात्र-छात्रा अपने को असुरक्षित महसूस करते हैं। खेल का मैदान नहीं होने के कारण भी छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि सामुदायिक भवन में जो विद्यालय के बगल में स्थित है, एमडीएम के भोजन तैयार किए जाते हैं। इसी सामुदायिक भवन में छात्र-छात्राओं को भोजन भी परोसा जाता है। भवन के जर्जर होने के कारण कभी भी कोई हादसा हो सकती है। एक ओर राज्य सरकार विद्यालय के सफल संचालन के लिए लाखों खर्च कर रही है। वहीं, विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी देखा जा रहा है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामकुमार तिवारी ने बताया कि जगह के अभाव में बरामदा पर तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कक्षाओं का संचालन होता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक स्वीकारते हैं कि जगह की कमी तो वास्तव में है।

ऐतिहासिक संदर्भ (Context)

ग्रामीण स्तर पर शिक्षा के बुनियादी ढांचे की कमी एक निरंतर बनी रहने वाली समस्या है। महादा प्राथमिक विद्यालय में 130 बच्चों के लिए केवल दो कमरों की उपलब्धता और जर्जर भवन में भोजन व्यवस्था किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। एक जन-प्रतिनिधि के रूप में अपनी पंचायत की सीमाओं से परे जाकर इस प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों का साथ देना, सार्वजनिक मुद्दों पर नवल किशोर सिंह की सक्रियता को स्पष्ट करता है।

अपनी आवाज़ उठाएं, हम साथ हैं!

किसी भी ग्राम पंचायत की समस्या, भ्रष्टाचार या अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए प्रमाण (Proofs) के साथ नवल किशोर सिंह को सीधे ईमेल करें:

mail@nksingh.in

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