तस्वीर 01 : कच्चे मकान में चटाई पर बैठकर जिलाधिकारी को पत्र लिखते सरपंच नवल किशोर सिंह, साथ में मूल पत्र और पावती (Receiving) की प्रति। सीमित अधिकारों और संसाधनों के बावजूद, यह तस्वीर एक जन-प्रतिनिधि की जनता के प्रति सच्ची जवाबदेही और ज़मीनी संघर्ष को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
🚨 प्रशासनिक विफलता: टेमहा बन्नी घाट पर बुनियादी सुविधाओं के लिए सरपंच की जन-आवाज़
जीवन और मृत्यु दोनों ही शाश्वत सत्य हैं, लेकिन जब अंतिम संस्कार के लिए भी लोगों को निजी जमीन मालिकों की बेरुखी और बुनियादी असुविधाओं का सामना करना पड़े, तो यह एक गंभीर प्रशासनिक विफलता है। खगड़िया जिले के महेशखूँट थाना क्षेत्र अंतर्गत टेमहा बन्नी घाट पर लंबे समय से यही दर्दनाक स्थिति बनी हुई है。
बेलदौर और आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोग स्नान और शवदाह के लिए इस घाट पर आते हैं। लेकिन पक्का सीढ़ी घाट न होने और सरकारी जमीन पर रात के अंधेरे में होने वाली अवैध मिट्टी कटाई के कारण यहाँ गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस वजह से हर साल यहाँ डूबने से लोगों की जान जा रही है। इसी गंभीर जनसमस्या के खिलाफ आवाज उठाते हुए ग्राम एक्टिविस्ट नवल किशोर सिंह ने एक अहम कदम उठाया है。
तस्वीर 02 : 📄 आधिकारिक मांग पत्र: जिलाधिकारी, खगड़िया को प्रेषित पत्र की प्रति, जिसमें टेमहा बन्नी घाट पर अवैध मिट्टी कटाई रोकने व सीढ़ी घाट निर्माण की मांग की गई है। (दिनांक: 16.02.2026)
नवल किशोर सिंह ने जिलाधिकारी (DM), खगड़िया को पत्र लिखकर स्पष्ट मांग की है कि इस सरकारी जमीन पर अविलंब 'सीढ़ी घाट' और 'शवदाहगृह' का निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित स्नान और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सके。
पत्र का मूल पाठ (Official Letter Transcript):
सेवा में,
श्री मान जिलाधिकारी महोदय
खगड़िया
विषय - टेमहा बन्नी घाट रिटायर जी० एन० बाँध के नीचे सीढ़ी घाट व रिटायर सड़क पर शवदाहगृह बनाने के संबंध में।
महाशय,
सविनय निवेदन है कि गोगरी प्रखण्ड अंतर्गत, महेशखूँट थाना क्षेत्र के टेमहा बन्नी पंचायत अंतर्गत वार्ड नं० 17 टेमहा बन्नी घाट पर, बेलदौर विधान सभा एवं आलम नगर विधान सभा क्षेत्र के लोगों का स्नान ध्यान के लिए, महेशखूँट से सीधा रोड होने के कारण लगा रहता है, और शव जलाने के लिए भी भारी संख्या में दूर-दूर से लोग आया करते हैं।
लेकिन सरकारी जमीन होने के कारण मिट्टी की अवैध कटाई रात में होता है, जिससे लोगों को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है और साल में एक दो आदमी डूबके मर जाते हैं। लाश जलाने में भी नीजि जमीन होने के कारण लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
अगर सरकारी जमीन पर सीढ़ी घाट और शवदाहगृह बन जाता है तो लाखों लोगों को स्नान करने में सहूलियत होगा व हजारों लोगों को हिन्दु रिती रिवाज से शव को जलाने में सहूलियत होगा।
अतः श्री मान से विनय पूर्वक अनुरोध है कि उक्त स्थल की चयन कर श्री मान के द्वारा सीढ़ी घाट व शवदाहगृह बनाने की कृपा की जाय।
आपका भवदीय
नवल किशोर सिंह
सरपंच, ग्राम कचहरी बोरना
प्रखण्ड गोगरी (खगड़िया)
तस्वीर 03 : ✅ आधिकारिक पावती (Receiving): जिलाधिकारी कार्यालय, खगड़िया के 'जन समाधान दिवस' (सात निश्चय - 3.0) में आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त आधिकारिक पावती प्रति। (शिकायत संख्या: 07, दिनांक: 16.02.2026)
सम्पादकीय टिप्पणी: अवैध खनन और जनसुरक्षा
यह पत्र सिर्फ एक मांग नहीं है, बल्कि अवैध खनन करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ एक सीधा प्रशासनिक हस्तक्षेप है। हम एक जिम्मेदार मंच के रूप में इस मांग के पूरा होने तक इसका लगातार अनुश्रवण (Follow-up) करते रहेंगे।
भारत के पहले और एकमात्र 'वेब-फर्स्ट' सरपंच: नवल किशोर सिंह
आज जहां देश के जनप्रतिनिधियों के पास स्वतंत्र डिजिटल पहचान नहीं है, वहीं बिहार के सरपंच नवल किशोर सिंह भारत के पहले और एकमात्र 'वेब-फर्स्ट' जनप्रतिनिधि हैं। www.nksingh.in जनता के हकों का हिसाब रखने वाला देश का पहला 'डिजिटल पंचायत आर्काइव' है।