पप्पू यादव का बेबाक इंटरव्यू: लॉरेंस बिश्नोई, डॉक्टर और प्रशांत किशोर पर सीधा जवाब

पॉडकास्ट: जिसकी स्पीड उसकी यूएसपी (विवेक बिंद्रा के साथ पप्पू यादव)

सारांश (Executive Summary): इस एक्सक्लूसिव पॉडकास्ट इंटरव्यू में बिहार के जन-नेता राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने विवेक बिंद्रा के तीखे सवालों का बेबाक जवाब दिया है। इस संपूर्ण और बिना काट-छांट वाले लेख में उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई, प्रशांत किशोर, अपनी लव स्टोरी, मुकदमों और बिहार की राजनीति जैसे सभी विवादित मुद्दों पर अपना आधिकारिक स्टैंड स्पष्ट किया है।
विवेक बिंद्रा (परिचय): पॉलिटिशियंस अक्सर कोर्ट केसेस से दूर रहते हैं। कंट्रोवर्सी से कतराते हैं। कहीं इमेज ना खराब हो जाए। लेकिन आज के जो हमारे गेस्ट हैं इनके केस में कॉम्प्लीमेंट्स भी हैं और कंट्रोवर्सीज भी हैं। दोनों साथ चलते हैं। वेलकम बैक टू द शो जिसकी स्पीड उसकी यूएसपी है। 20 सवाल 20 मिनट जवाब देने का समय सिर्फ 1 मिनट। मतलब मेरे बाउंसर और आपके आंसर सिर्फ 60 सेकंड के अंदर। आज जो हमारे गेस्ट हैं वो अपोजिशन के लिए बाहुबली हैं पर सपोर्टर्स के लिए रॉबिनहुड भी हैं। इनकी दो प्रकार की इमेज बाजार में दिखती है। वैसे तो ये पॉलिटिक्स के परमानेंट प्लेयर हैं पर इनकी स्टोरी जो है ना वो Netflix की किसी सीरीज के मेन कैरेक्टर से कम नहीं है। जब-जब जनता पर मुसीबत आई मैं देख रहा हूं कि चाहे वो फ्लड रिलीफ हो या पेंडेमिक का बड़ा पैनिक हो। ये गॉड फादर बनके वहां पहुंचे हैं। सैकड़ों हजारों लोगों को उन्होंने दान किया। पैसा बांटा, जमीन बांटी। लिमिट से बाहर निकल कर के उनकी हेल्प भी करी है। पॉलिटिक्स में तो इन्होंने जैसे पीएचडी कर ली है। किसी पार्टी सिंबल की जरूरत नहीं है। इलेक्शन जीतने के लिए अपने आप ही काफी रहे हैं। छह बार क्योंकि मेंबर ऑफ लोकसभा रहे हैं पप्पू यादव जी। तो पप्पू यादव जी पहले तो आपका स्वागत है。

पप्पू यादव: नमो बुद्धाय जय भीम।

सवाल 1: बिजली विभाग को धमकी

विवेक बिंद्रा: तो पप्पू यादव जी आपके बारे में पता चला। मैं जानकारी ली तो 90 के दशक में जब देश भर में बिजली नहीं होती थी तो आपके क्षेत्र में 24 घंटा बिजली आती थी। बिजली विभाग वाले डरते थे कि अगर बिजली नहीं दी तो पप्पू यादव पूरे स्टेशन में आग लगा देंगे। इस बात में कितनी सच्चाई है?

पप्पू यादव: सर मुझको तो समझ में नहीं आता यदि बिजली देश को मिल ही गई यदि मेरे क्षेत्र को वह अच्छा हुआ कि गलत हुआ और भी लोग एमपी एमएलए थे सबको देना चाहिए था क्यों। लोग डेवलपमेंट नहीं करते क्यों क्या कारण है मेरे यहां तो डॉक्टर हर परिस्थिति में कोई माफियागिरी नहीं कर सकते मेरे यहां कॉमन और मिडिल क्लास से डॉक्टर ये जो माफिया पूरे के पूरे लूटते हैं नहीं लूट सकता। तो इसलिए साफ है बिजली बहुत क्लैरिटी थी मैंने साफ कहा था कि मैं कोई कॉम्प्रोमाइज अपने क्षेत्र से नहीं करूंगा। यदि आप हमें इतने मेगावाट बिजली नहीं देंगे तो हम आपको नेपाल आपकी बिजली जाने नहीं देंगे।
विवेक बिंद्रा: अच्छा।
पप्पू यादव: हर कीमत पर 10,000 आदमी हमेशा पब्लिक को लेकर के आप डेमोक्रेटिक आंदोलन कीजिए, बैठिए उसके आगे बैठिए, संघर्ष कीजिए, सदन में उठाइए और यदि मैं दे रहा हूं पैसा आपको तो आप हमको बिजली कैसे 2 घंटा 4 घंटा देंगे? उस वक्त तो 4 घंटा बिजली देश में नहीं रहती थी और हम 22 घंटा बिजली देते थे। हर परिस्थिति में।

सवाल 2: पार्टी और विचारधारा बदलना

विवेक बिंद्रा: जस्टिस। पप्पू यादव जी आप छह बार के एमपी रहे हैं। पर बात यह है कि कभी समाजवादी पार्टी से कभी आरजेडी से कभी अपनी जन अधिकार पार्टी से लड़े तो कभी कांग्रेस से ज्वाइन किया। कभी इंडिपेंडेंट जीत गए। अब बात यह है कि आपकी फिलॉसफी आइडियोलॉजी पार्टी अगर बदलती रहे तो जनता फिर आप पे कैसे भरोसा करेगी?

पप्पू यादव: मुझको तो समझ में नहीं आता। मैं इंडिपेंडेंट रहा हूं पांच बार। किसी पार्टी से एक बार मैं रहा हूं आरजेडी से दो बार। वो भी मधेपुरा। आइडियोलॉजी नहीं बदलता हूं। जनता हमारे साथ खड़ी रहती है। नेता को परेशानी होती है। सच बोलने की हिम्मत नहीं होती। ना सुकरात को जाना पड़ा। बुद्ध को भारत छोड़ना पड़ा। कृष्ण को मथुरा छोड़ना पड़ा। राम को वनवास जाना पड़ा। शिव को जहर हुई। गुरु गोविंद को चारों बच्चों को दीवार में चुनवाना पड़ा। पप्पू यादव किस खेत की मूली थी? इसीलिए नेताओं को और पार्टी को लगता है कि चमचागिरी दलाली करते रहे, धूर्तई करते रहे, दुष्टई करते रहे। जो जितना बड़ा दोगला तेगला उतना बड़ा नेता होता है। फेयर आदमी कभी साफ सुथरा नहीं होता है। तो इसलिए यदि साफ सुथरा आदमी बड़े परेशानी होती है लोगों के लिए। सात बार दुनिया में कोई भी दोबारा इंडिपेंडेंट एमपी नहीं हुआ। हम सात बार में छह बार पांच बार इंडिपेंडेंट हैं। तो ये पप्पू यादव बेटे और सेवक के रूप में जनता आपको पता है।

सवाल 3: राहुल गांधी और बस में ना चढ़ने देना

विवेक बिंद्रा: अगले सवाल की तरफ चलते हैं। राहुल गांधी को आप अपना नेता मानते हैं। फिर ऐसा क्या हुआ कि राहुल गांधी ने आपको बस पर भी नहीं चढ़ने दिया। वह वीडियो बड़ा वायरल हुआ और उस इंसल्ट के बाद ऐसे नहीं लगा कि बस बस में नहीं चढ़ने दिया बस बहुत हो गया।

पप्पू यादव: नहीं नहीं मुझे तो एक गलतफहमी में मत रहिएगा जिसकी पहचान बेटे और सेवक के रूप में हो और दुनिया बेटा मानता हो। हाउस में अवार्डेड हो पांच-पांच बार क्वेश्चन डिबेट के रूप में सड़क से सदन तक संघर्ष का प्रतीक हो और हर घर के गरीबों का आंसू पोछने की ताकत हो।
विवेक बिंद्रा: बस में क्यों नहीं चढ़ने दिया?
पप्पू यादव: नहीं मैं तो सवाल ही नहीं उठता। बस तो मेरा था ही नहीं। वहां तो मेरे पास मेरा लिस्ट में भी नाम नहीं था। बिल्कुल गलत है। गलत और राहुल गांधी जी का तो कोई औचित्य भी नहीं था। वहां वहां तो गठबंधन और हम 6:00 बजे से रोड पर थे। सड़क पर थे। हमारी बंद में हम थे। हम अपने नेता को लेकर के खड़े थे। मुद्दों को भटकाना कोई प्रेस वाले से सीखे और बीजेपी वाले से सीखे। तो इसीलिए आप इस बात को समझ लीजिए। ये पप्पू यादव जो आदमी किसी पार्टी और किसी नेता से नहीं है जनता से हो उस वो आदमी मोहताज नहीं है किसी बस का और किसी व्यक्ति का।

सवाल 4: पप्पू नाम पर बवाल

विवेक बिंद्रा: अच्छा आपको कोई पप्पू भाई बुलाए तो आपको तो अच्छा ही लगता होगा एकदम भाईचारे की तरह बुला लेकिन आपके जो नेता राहुल गांधी उनको कोई पप्पू बुलाए तो उस पे इतना बवाल क्यों हो जाता है?

पप्पू यादव: नहीं नहीं मुझको तो समझ में नहीं आता राहुल गांधी जी एक्सपर्ट आप कहां पढ़े हुए हैं मुझको नहीं पता।
विवेक बिंद्रा: कितना पढ़े हुए हैं नहीं पता।
पप्पू यादव: आपके प्रधानमंत्री कितना पढ़े आप गृह मंत्री मुझको नहीं पता जो आदमी हार्वर्ड और दुनिया के सबसे जीनियस कॉलेजेस में पढ़ा हो आपका बेटा कहीं एमबीबीएस कर ले तो आपका बेटा बेटा और राहुल गांधी वर्ल्ड क्लास का पढ़ के आता हो और बेबाक बोलता हो जो प्राइम मिनिस्टर के लिए मनमोहन सिंह जी ने सेकंड बार कहा आप आइए और जिसने कुर्सी को लात मार दे दुनिया में पहली बार चार-चार यात्रा और देश में इतनी लंबी यात्रा और लोगों को एक साथ समझने की कोशिश। और सोशल मीडिया के बाद अरबों खरबों रुपया किसी व्यक्ति के इमेज के लिए एक ही फोकस करना राहुल राहुल कभी इंदिरा गांधी राजीव गांधी नेहरू को गाली देते थे राहुल का डर और वो डर किसी को आप मिसयूज करो।
विवेक बिंद्रा: आपको लगता है नैरेटिव खिलाफ बनाया गया है।
पप्पू यादव: बिल्कुल नैरेटिव खिलाफ था बनाया नहीं गया और राहुल गांधी ने लड़ करके नरेंद्र मोदी को चैलेंज करके राहुल गांधी लीडर है।

सवाल 5: मोदी जी पर हृदय परिवर्तन

विवेक बिंद्रा: राहुल गांधी जी से मोदी जी की तरफ चलता हूं। तो कभी मोदी जी को देख के आपको गुस्सा आया करता था। आजकल आप उनके साथ हंसते ठहाके लगाते हैं।

पप्पू यादव: मुझे कभी गुस्सा प्रधानमंत्री से नहीं आता किसी से नहीं आता।
विवेक बिंद्रा: कई बार ऐसा रहा कि आपने उनके खिलाफ बयान दिया लेकिन अभी वीडियो वायरल हो रहा आजाद हिंदुस्तान के बाद आपका हृदय परिवर्तन हो गया।
पप्पू यादव: आजाद हिंदुस्तान के बाद मोदी जी को जब पीएम बनाया गया तो हिंदू मुसलमान कब्रिस्तान श्मशान ईद बकरीद के लिए नहीं। जिन्ना के लिए नहीं। क्या कहते हैं वो के लिए नहीं। तलाक के लिए नहीं उनको बनाया गया था। युवाओं के लिए जुमलेबाजी हो गई अमित शाह जी का उनको बनाया था डॉलर के लिए नोटबंदी के लिए उनको उनको बनाया गया था रुपया की वैल्यू के लिए उनको बनाया गया था शेयर मार्केट के लिए फार्मर्स के लिए यूथ के रोजगार के लिए उनको बनाया था इकॉनमी को सस्टेन करने के लिए झूठ बोलने के लिए नहीं।
विवेक बिंद्रा: पर आप तो आजकल हंसते हुए दिखते हैं उनके साथ।
पप्पू यादव: हंसते हुए क्या मैं आपके साथ यदि औपचारिक कहीं मिलूं तो मैं हंसू भी नहीं आपके साथ शेयर भी नहीं करूं आपकी रेस्पेक्ट भी नहीं करूं।
विवेक बिंद्रा: इससे कुछ इंडिकेशन तो नहीं है।
पप्पू यादव: आप मेरे क्षेत्र में आए मैं आपकी इज्जत ना करूं लेकिन जब आलोचना करनी होगी सीएए के मुद्दे पर आलोचना करनी होगी संविधान के मुद्दों पर आलोचना करनी होगी। यूथ के रोजगार को और बिहार के विशेष राज्य पर विशेष पैकेज पर बिहार के पूर्णिया को विशेष पैकेज आलोचना करेंगे तब मैं करूंगा। जी।

सवाल 6: मोदी जी को दो बार थैंक्स

विवेक बिंद्रा: मोदी जी को लाइफ में आपने दो बार थैंक्स बोला है। एक बार पहली बार बोला था आपने कोरोना के टाइम पे फ्री में मौत देने के लिए। आपने उनको धन्यवाद किया था। दूसरी बार आपने धन्यवाद किया पूर्णिया में एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए।

पप्पू यादव: "माननीय प्रधानमंत्री जी का मैं स्वागत करता हूं। मैं धन्यवाद देता हूं दिल की गहराइयों से।"
विवेक बिंद्रा: तो यह कौन से वाले थैंक यू को असली माने, कोविड वाले को या एयरपोर्ट?
पप्पू यादव: कोरोना में तो जबरदस्ती ताली थाली बजवा दिया आप हमारे अंग ऐसे होता है क्या साइंस कहता है क्या हैं आप हमेशा एंटी साइंस एंटी ह्यूमन काम करते रहते हैं बोलते रहते हैं। हम तो कोरोना में कोई बूस्टर डोज नहीं लिया हम तो 10,000 आदमी को हमने उठाया लाश सबने ले गए लोगों के पास हर घर-घर हम रेमडेसिविर पहुंचाए बांग्लादेश और नेपाल से 7 करोड़ का हम रेमडेसिविर मंगाए। अपनी जमीन बेचे रेमडेसिविर मंगाए। दुनिया को दिया और ऑक्सीजन सिलेंडर दिए। सब जो सारा परिवार रिश्ता क्या होता है मैंने देखा। कोई रिश्ता नहीं होता। सारा परिवार अपने बेटा बेटी पति पत्नी सबको छोड़ दिया। पप्पू यादव वहां श्मशान ले गया। सब वीडियो है मेरे। मैंने तो कभी मास्क नहीं लगाया। मैंने कभी कोई सुई किसी को लगाने के लिए सबको मना किया। तो मैंने कहा गलत है। और जब हमको एयरपोर्ट लिए हमने लिया और जगह क्यों नहीं दे दिए? विशेष राज्य क्यों नहीं दे दिया? बिजनेस पैकेज क्यों नहीं दे दिया? स्मार्ट सिटी क्यों नहीं दे दिया? पप्पू यादव की आया अतिथि देवो भव मैथिली के संस्कृति में हमने थैंक्स कहा।

सवाल 7: दान और फेक क्लेम

विवेक बिंद्रा: अगले प्रश्न की तरफ चलते हैं। आप क्लेम करते हो कि 40 साल के करियर में ₹280 करोड़ आपने जनता को बांट दिए। 9000 बीघा जमीन लोगों की भलाई में लगा दी। कुछ लोग कहते हैं ये क्लेम फेक है। मैं चाहता हूं कि आज आप अपने मुंह से बताएं कि जो बोल रहे हैं उनको आप क्या जवाब देंगे?

पप्पू यादव: अच्छा एक बात बताओ हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फारसी क्या। डेली कितना बंटता है वो सोशल मीडिया पर है। उसको गिन लेने बोलो। क्या दिक्कत है भाई? मेरे यहां यहां पर सेवा आश्रम है। पूर्णिया में सेवा आश्रम है। पटना में सेवा आश्रम है। यहां 500 लोग रहते हैं। गरीब यही नहीं बांटते तो बाढ़ में है। कितना बांटा? कितना रेमडेसिविर दिए? हर दिन 10 लाख 20 लाख बांटते हो तो पानी में बाढ़ में कोरोना में भूकंप में कितना रुपया पहुंचा है? उत्तराखंड में कितना गोद लिए? मणिपुर में कितना पहुंचा है? वो तो दुनिया को दिखता है और जो कहते हैं फेक है या सही है गलत है मैं उनको कहना चाहूंगा कि आप भी करो हम फेक हैं आपसे तो सर्टिफिकेट मांगने गए नहीं हमको लोग अपना बेटा कहता है और हम सेवक हैं रहेंगे तो आपके पेट में दर्द क्यों हो रही है। इसीलिए सब कुछ पब्लिक डोमेन में है दुनिया के बीच में जो बांटते हैं सो दिखता है।

सवाल 8: आनंद मोहन को सपोर्ट

विवेक बिंद्रा: ये आरोप तुम समझ गए लेकिन आप पे एक मर्डरर को सपोर्ट करने का आरोप भी लगता है। वो कहते हैं 1994 में जो आईएएस अधिकारी जी. कृष्णैया उनकी जो हत्या हुई थी उसमें उम्र कैद काट चुके हैं। राजपूत के जो अपने बाहुबली नेता रहे हैं आनंद मोहन अभी आप उनकी क्यों क्या जरूरत पड़ी को किसी को।

पप्पू यादव: मैं नहीं जानता। कोर्ट से बरी हो चुके हैं। एमपी रहे हैं। मेरा रेस्पेक्ट है। फ्रीडम फाइटर के वो परिवार से हैं। बड़े वो एक सरकमस्टेंशियल था। उस वो फंसे। मैंने औपचारिकता में मर्डर में अनाथ खसगी से मिलने चंद्रशेखर जी चले गए। सुसदेव भाई से मिलने चले गए। आनंद मोहन के शादी में चले गए। ये तो डेली मिलते हैं सबसे नरेंद्र भाई मोदी जी। सब लोग मिल मतलब हम मिले तो गलत और लोग मिले तो ठीक। उनसे अटल जी आडवाणी जी आनंद मोहन के साथ उनके पार्टी के साथ समझौता किया था एमएलए का और आज जदयू में है वो। उनकी पत्नी जदयू में है। उनका बेटा जदयू में है। तो हमसे काहे का पूछ रहे हैं भाई? हम तो एक अच्छे रिश्ते का निर्माण करते हैं। मैं किसी अपराधी माफिया मेरे चुनाव में आइए ना आप डॉक्टर अपराधी माफिया ताकतवर एक आदमी का वोट नहीं चाहिए। कभी कह देता हूं प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किसी का वोट नहीं मांगता हूं।

सवाल 9: पत्नी रंजीत रंजन से प्यार

विवेक बिंद्रा: नेशनल टेनिस प्लेयर रही आपकी पत्नी धर्मपत्नी रंजीत रंजन के प्यार में। आपने एक बार नींद की गोलियां भी खाईं।

पप्पू यादव: क्या दिक्कत है? मुझे कोई दिक्कत नहीं है。
विवेक बिंद्रा: मेरा प्रश्न यह है कि आपने नींद की गोलियां खाईं, उनका पीछा किया। वह प्रेम कहानी थी। बाद में विवाह हुआ। बस इच्छा है वो प्रेम कहानी जानने की।
पप्पू यादव: वही तो मैंने कहा हीर रांझा, लैला मजनू प्रेम में तो सब लोग पागल हो जाते हैं। हम ह्यूमन बीइंग नहीं हैं। हम इंसान नहीं हैं। मतलब क्या हम इंसान से ऊपर उठ गए। प्रेम तो हो ही सकता था। और एक नाइस लेडीज हैं। तीन बार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट हैं। मेरी मां चुनाव लड़ी। मेरे फादर दो-दो बार एमपी का चुनाव लड़े। तो पूरा रेस्पेक्ट है कहानी में उनका दिल जीतने में बहुत समय लगा। बस तीन-तीन साल लगा। पागल हो गए थे। लगता था खत्म हो जाएंगे। एंटी अलग-अलग रिलीजन थे और उसके बावजूद तीन साल के बाद वो जान पाए कि कोई लड़का हमारे पीछे पागल है। एक बार थोड़ी कई बार परिस्थिति ऐसी आई। तो इसीलिए एक एक पागलपन जो था जुनून था। हम राजनीति में थे उनका तो पंजाब से आई ही थी वो टेनिस प्लेयर थी इंडिया खेल रही थी इंटरनेशनल खेलती आज इंटरनेशनल रेस्पेक्ट है उनका तो इसीलिए प्यार में सब जायज है हम।
विवेक बिंद्रा: प्यार में सब जायज है...

सवाल 10: बेटे सार्थक रंजन का क्रिकेट करियर

विवेक बिंद्रा: लेकिन एक बात है ये जानना चाहता हूं ये कितनी सही है आपके जो क्रिकेटर बेटे हैं सार्थक रंजन इन पर आरोप लगते हैं कि आपके पॉलिटिकल कनेक्शन की वजह से वो रणजी में या टी20 में उनको जगह मिलती है और कई जगह मैंने पढ़ा सुना देखा मैं जानना चाहता हूं क्या सच्चाई है इसके पीछे?

पप्पू यादव: हम जाके करके 100 मार रहे हैं, 50 मार रहे हैं, 60 मार रहे हैं। मेरे पॉलिटिकल कारण से मेरा बेटा 100 मार रहा है। 60 मार रहा है, 50 मार रहा है, 70 मार रहा है। वन ऑफ द जीनियस सन पर्सनालिटी वन ऑफ द डायनेमिक और ड्रेसिंग पर्सनालिटी मेरा बेटा मेरे खानदान का वारिस है। समाज की ताकत है。
विवेक बिंद्रा: पर क्या आपने कभी प्रयास किया?
पप्पू यादव: वो जिद है। उसके भीतर जुनून है। नेशनल खेलेगा。
विवेक बिंद्रा: आपके पप्पू यादव होने का लाभ मिला उन्हें?
पप्पू यादव: मेरे पप्पू यादव होने का उसको और डिमोशन मिला था। उसे तंग किए गए थे। उन्हें डिमोरलाइज किया गया था। उन्हें बेनिफिट नहीं मिला मेरे बेटे को। उन्हें डिमोरलाइज किया गया था। बहुत पहले इंडिया खेलने की उनके पास ताकत थी। गौतम गंभीर जी के साथ खेलते थे। वो हमेशा लो प्रोफाइल रहा। अभी नहीं वो कभी भी मेरा बेटा कोई नहीं जाना मेरा बेटी ऑल इंडिया खेलती है। किसी को पता नहीं मेरी बेटी प्रकृति रंजन है। मेरा बेटा क्रिकेट कोई नहीं जाना सार्थक रंजन पप्पू का बेटा है।

सवाल 11: बाबाओं और संतों पर टिप्पणी

विवेक बिंद्रा: अच्छा पीछे महाकुंभ में मैं सुन रहा था आप थोड़ा नाराज चल रहे थे। आपने महाकुंभ के बाद कहा कि जो बाबा हैं, राजनेता हैं, अमीर लोग हैं यहीं मर जाएं। इनको मोक्ष मिल जाए।

पप्पू यादव: बाबा और नागा। और जो नेता वहां जाते हैं और जो बड़े पैसे वाला उनको भी डुबकी लगा के मर जाना चाहिए ताकि इन लोगों का कल्याण हो जाए。
विवेक बिंद्रा: ये मोक्ष पे चल रहे हैं। बाबाओं से इतनी दिक्कत क्यों है?
पप्पू यादव: बाबा बोलता है कि गरीब लोग मर गया तो मोक्ष मिल गया। तो तुम लोग को मोक्ष काहे नहीं मिल रहा? तुम लोग बिना मोक्ष के रहोगे। साइंस पढ़ता नहीं चीज नहीं है। आबा बाबा काबा टाबा ये लोग कौन है? लफवा लुच्चा इन लोगों को डायनामाइट बनिए। पाकिस्तान भेज दीजिए। पाकिस्तान को उड़ाएगा। हमारा सनातन जिंदा रहेगा। हिंदू जिंदा रहेगा। इन लोगों को बहुत पेट में दर्द होता है。
विवेक बिंद्रा: आपने बाबा बागेश्वर के लिए भी बोला कि बम बांध के इनको पाकिस्तान भेज दो।
पप्पू यादव: कौन है बाबा?
विवेक बिंद्रा: आप बोले बाबा बागेश्वर जो पगला बंदर इंसान...
पप्पू यादव: देखिए ये पगला है। ये सरकार प्रायोजित बंदर है। लुच्चा सबके बारे में सबको बाबा काहेला कहते हैं। संत आसाराम को बना दिए। आप लोग भी कि कौन पाखंडी हरियाणा वाला सब कितना 32-32 कितना औरत के साथ केस इन लोग का वो कौन राम रहीम है कौन ये सब सब बाबा...
विवेक बिंद्रा: बागेश्वर को आप जानवर क्यों कहे?
पप्पू यादव: कौन तो वो है एंटी एनिमल है कुछ भी बोलता है किसी को गाली देता है किसी धर्म किसी से ज्यादा किसी को कुछ बोल देता है कोई बाबा कभी संत देखे महर्षि जी को देखे आचार्य राम राम को देखें आप ओशो को कभी देखे अभी प्रेमानंद को देखिए वो वो वो संत है ये तो लफवा लुच्चा उनका बाबा बना दीजिएगा तो कैसे काम चलेगा।

सवाल 12: लालू, तेजस्वी और बिहार का सीएम

विवेक बिंद्रा: अच्छा आप कहते हैं कि लालू को सीएम आपने बनवाया।

पप्पू यादव: वो तो दुनिया को पता है。
विवेक बिंद्रा: ठीक है बाद में लालू ने ही आपको मर्डर केस में आप पे सीबीआई भी लगवा दी अब थोड़े दिन पहले मैं देखा कि आप तेजस्वी की भी तारीफ करें। वो जननायक हैं। अगर वह सीएम बन गए तो वह क्या करेंगे? फिर आपके साथ।
पप्पू यादव: ...ने फंसा दिया अलग बात है। लालू यादव मेरे खिलाफ में प्रचार करके हराने जाते थे। 500 वोट नहीं लाते थे। तेजस्वी यादव जी गए इनके कैंडिडेट को 23,000 वोट नहीं लाया। एक नेशनल पार्टी को 23,000 वोट आएगा। सवाल वो नहीं है। मैं किसी को जननायक नहीं कहा। यदि अपने बच्चों को कोई बाबू ननू कुमार साहब कह दे तो वो कोई वो वो एक रेस्पेक्ट हो तब भी गलत ना रेस्पेक्ट हो तब भी गलत। लालू यादव जी को विपक्ष का नेता भी पप्पू यादव ने एक वोट से बनाया। मेरे फूफा भी लड़े थे। मैंने मदद उनको की। 11 निर्दलीय एमएलए लेकर के पप्पू यादव 90 में उनकी मदद की। फिर उनको अच्छा नहीं लगे। हम यादव होना गुनाह था। वो 25 साल पहले यादव बने। हम 25 साल बाद हम यादव के कोख में पैदा लिए। तो हम तो आनंद मार्गी थे। हम तो ज्यादा बनना भी नहीं चाहते। एक अच्छा इंसान रह जाए। हम भगवान से प्रे करते हैं कि आदमी एक अच्छा इंसान रह जाए। मेरी कोई जाति धर्म नहीं है। इंसानियत के अलावे, मानवता के अलावे मर जाना पसंद करेंगे। कभी किसी जाति का अनादर नहीं करेंगे。
विवेक बिंद्रा: बड़ी बेबाकी से आप बात करते हैं। अच्छा लगता है मुझसे। आप साफ-साफ बता दीजिए क्या लगता है इस बार बिहार का सीएम कौन बनेगा?
पप्पू यादव: देखिए मैं इस बात को कह देता हूं कि किसी भी परिस्थिति में बहुत क्लियर है। बिहार को समझना बहुत प्रॉब्लम होती है। बिहार कब किधर से कौन परिस्थिति में करवट बदले। किसी के बारे में भविष्य वक्ता भी नहीं हूं। ज्योतिष भी नहीं हूं। जनता तय करेगी। पप्पू यादव हालात ऐसे नहीं है। जानते हैं मैंने आपको बता दूं हालात ऐसे नहीं है। बीजेपी डाउन है और भी पार्टी है जो बहुत ज्यादा डाउन है। लगातार नीतीश कुमार शारीरिक मानसिक खराब होने के बावजूद भी कभी 300 बना दो 200 बना दो 10000 दे दो वोट लेने के लिए पूरा का पूरा खजाना खाली और आज के डेट में आपको आपको पता है कि तीन महीने में तीन दो और दो महीने वोट लेने के लिए सब कुछ फ्री कर दिया जाएगा。
विवेक बिंद्रा: हमारे को उत्तर चाहिए बनेगा सीएम क्या।
पप्पू यादव: नहीं मैंने पहले भी कहा कि परिस्थितियां एनडीए के पक्ष में नहीं है परिस्थितियां I.N.D.I.A. गठबंधन के पक्ष में जिस तरीके से राहुल जी लगातार मुद्दों पर बात कर रहे हैं जाति जनगणना हो आरक्षण हो या सीएए का हो या संविधान का हो लोग इनके पक्ष में है。
विवेक बिंद्रा: ठीक है चलो आपकी पार्टी के पक्ष में जा रहा है साहब ऐसा लगता है देखने में। मेरा अगला प्रश्न यह है कि नंबर टू और नंबर थ्री कौन दिखाई पड़ रहा है आपको?
पप्पू यादव: नहीं नहीं मैंने तो आपको पहले कहा कि राहुल गांधी जी और नरेंद्र मोदी के आइडियोलॉजिकल बीच में लड़ाई होगी। इसको आप समझिए हम I.N.D.I.A. को मुद्दों पर ही लड़ना पड़ेगा। अब नीतीश कुमार को तो ये मुख्यमंत्री बना नहीं रहे हैं। आप उठा करके देख लो। हर परिस्थिति में वो मुख्यमंत्री नहीं बना रहे हैं। तो मैं वही बात आपको कह रहा हूं। कह रहे हैं कि नेतृत्व में लड़ेंगे। अमित शाह ने तो कई बार इस बात को कह दिया। हम तो इसीलिए आज के डेट में लोग देख रहे हैं। अंबेडकरवादी लोग देख रहे हैं। बुद्धवादी लोग देख रहे हैं। गरीब देख रहे हैं। ईबीसी एसटी के लोग देख रहे हैं कि मेरी बात कौन कर रहा है? कह रहा है राहुल गांधी। नरेंद्र मोदी किसकी बात कर रहे हैं? कह रहे हैं वो हिंदू मुसलमान में फंसा हुआ है。
विवेक बिंद्रा: चेहरा कौन होने वाला है? जी। आपकी पार्टी का।
पप्पू यादव: नहीं कोई चेहरा नहीं। संयोजक तेजस्वी जी हैं। और हम लोग मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री के लिए लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। हम लोग एनडीए गठबंधन को हराएं। संविधान पर जो हमला है दलितों पर गरीबों पर हाले। इस मुद्दों को लेके राहुल गांधी के नेतृत्व में हम लोग चुनाव लड़ रहे हैं।

सवाल 13: प्रशांत किशोर पर राय

विवेक बिंद्रा: लेकिन सोशल मीडिया पे नंबर वन तो इस समय प्रशांत किशोर है। यह सबको मानना पड़ेगा। प्रशांत किशोर को आप कैसा नेता मानते हैं? आप उनकी पार्टी जन सुराज को कितनी सीट मिलेंगी?

पप्पू यादव: कौन आदमी है? हम लोग तो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वर्ल्ड में पप्पू यादव को देखता है। और अभी आप उठा के देखो पप्पू यादव के व्यूवर्स और प्रशांत किशोर का व्यूवर्स। अरबों खरबों रुपया लगाता है। प्रशांत किशोर एक नौकर था। प्रशांत किशोर आया था अमेठी में काम करने। वहां से भागा नरेंद्र मोदी के पास गया। वहां से भगवाया चला गया नीतीश के पास। वहां कुर्ता पजामा पहना बोला हम कैबिनेट मिनिस्टर उत्तराधिकारी हो गए। वहां से भागा अपने ही बाप को गरियाने बोला कि हम अब मेरा पिता है दत्तक पुत्र。
विवेक बिंद्रा: बहुत भीड़ जुटा रहे हैं।
पप्पू यादव: सर उठा के देखिए ना भैया। 5000 आदमी ने भीड़ आपको भीड़ से लोकतंत्र चलता है। वहां से भागा चला गया ममता के पास वहां से भागा रेड्डी के पास। रेड्डी से भागा चला गया अमरिंदर के पास वहां से भागा चला गया खाट रैली कर रहे हैं। वहां से भागा चला गया。
विवेक बिंद्रा: एक शब्द में उनके बारे में क्या कहना चाहेंगे?
पप्पू यादव: बस उनके बारे में यही कहना है। वह ब्लैकमेलर हैं। ब्लैक मनी लेके आते हैं। उनको लगता है यह दिल्ली है। अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल की तरह बिहार है। वो ईबीसी और ओबीसी एसटी एससी एक साथ खड़ा है। राजनीतिक विरासत चाहती है। इनके साथ ना कोई धर्म है ना जात है। सिर्फ ब्लैकमेलर।

सवाल 14: प्रशांत किशोर की सीट और सलाह

विवेक बिंद्रा: मेरा अगला प्रश्न फिर से प्रशांत किशोर जी के बारे में आपसे। मैं पहला आपसे जानना चाहता हूं। आपको क्या लगता है उनको कितनी सीटें मिलेंगी इस बार?

पप्पू यादव: जीरो। जीरो। जीरो。
विवेक बिंद्रा: बहुत शोर मचाया उन्होंने।
पप्पू यादव: मैंने आपको कहा जीरो जीरो जीरो। मैंने आपको पहले ही कहा कि वो आदमी अभी तक एक सीट डिक्लेअर नहीं कर पाया जो एनडीए और I.N.D.I.A. गठबंधन से भागेगा जो इधर से उधर लटकेगा फटकेगा अभी अभी अभी तक वो जो जदयू से छोड़ा अभी कलेक्टर मीना कुमारी को ज्वाइन कराया तो ऐसे लोगों को ज्वाइन करा के कहीं 5000 कहीं 10000 कहीं 20000 वोट पाले。
विवेक बिंद्रा: अच्छा。
पप्पू यादव: समझ गए वो अपने चुनाव लड़े ना देखे पता चल जाएगा उसको。
विवेक बिंद्रा: सीट जीरो।
पप्पू यादव: भैया सीट अपने चुनाव लड़े अब पहले बोला पहले बोला एमएलए नहीं बनेंगे बाद में बोला एमएलए खड़ा होंगे फिर बोला मुख्यमंत्री मुझे नहीं बनना। अरे तुम कहां से मुख्यमंत्री बनोगे? मुख्यमंत्री या तो कोई एसटी एससी बनेगा या तो ईबीसी या तो ओबीसी के लोग बनेंगे。
विवेक बिंद्रा: बिहार की राजनीति एक लाइन की एडवाइस देनी हो तो प्रशांत किशोर को आप क्या एडवाइस देंगे?
पप्पू यादव: मैं मुझे कोई एडवाइस किसी को नहीं देना है। वो अपने को इतना अहंकारी है। अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोटो नहीं लगाता है। अपने प्रदेश अध्यक्ष का फोटो नहीं लगाता है। और अपने मियां मिट्ठू जिसको बाप कहा उसी को गरिया जाता है। नीतीश कुमार。
विवेक बिंद्रा: अहंकार त्यागने की एडवाइस देंगे।
पप्पू यादव: जी। अहंकार तो त्यागे ही साथ-साथ ब्लैक मनी से कर्पूरी ठाकुर और जगदेव बाबू जेपी लोहिया की जमीन को ना आंके।

सवाल 15: डॉक्टर दलाल हैं

विवेक बिंद्रा: आपने एक इंटरव्यू में कहा 90% डॉक्टर जो है दलाल से भी बदतर है और अभी हमारे इंटरव्यू में भी बोला कि मुझको डॉक्टर का वोट नहीं चाहिए उनको साइड कर देते हैं। 90% डॉक्टर दलाल से ऊपर है। ये डॉक्टर्स ने पप्पू यादव जी का क्या बिगाड़ा है?

पप्पू यादव: भैया डॉक्टर को आप पूछिए ना अल्ट्रासाउंड सीटी स्कैन हमारा ये कितना पैसा जांच की क्या जरूरत है? घुटना बदल देता है, हार्ट बदल देता है। हम नहीं कह रहे दुनिया कह रही है आपके परिवार में भी गए होंगे तो ₹1 लाख ले लिया होगा। ₹2 लाख ले लिया होगा। लाश पड़ा हुआ रहता है। मर जाता है। कहता है जिंदा है पैसा दो। बिना पैसा दिए नहीं डॉक्टर से भरका अनह्यूमन मात्र दो से 3% डॉक्टर अच्छे。
विवेक बिंद्रा: डॉक्टर को भगवान का रूप मानते हैं।
पप्पू यादव: नहीं भगवान का रूप कोई नहीं मानते हैं वो पैसा वो कमाए हैं वो वो पढ़े हैं और पढ़े वो अच्छा हो सकते हैं अच्छा इंसान हो सकते हैं。
विवेक बिंद्रा: 90% आप भैया... जो दलाल है दलाल से भी बदतर।
पप्पू यादव: भैया डॉक्टर के बारे में किसी से पूछो किसी व्यक्ति से कॉमन आदमी से पूछो वो इतना पैसा लूटता कहां से है दवाई इन लोगों को एमआर क्या करने आता है बाहर विदेश क्या करने जाते हैं इतनी संपत्ति कहां से कमा लेता है? आप हमको बताओ ना एक दिन में कितना पेशेंट देखता है? इतना बड़ा-बड़ा अटालिका कहां से ठोक लेता है? और सरकारी अस्पताल का सब कुछ खत्म दलाली करके खत्म करवा देता है ताकि इनके यहां प्राइवेट में जाए।

सवाल 16: लॉरेंस बिश्नोई और जेड सिक्योरिटी (Z Security)

विवेक बिंद्रा: अच्छा एक बात और है क्योंकि आप बेबाक बोलते हैं पंगा लेने में आपसे आगे कोई नहीं है। पीछे आपने लॉरेंस बिश्नोई को बोल दिया 2 टके का अपराधी है और चुनौती दे दिया कि कानून अनुमति दे दे तो 24 घंटे में पूरा नेटवर्क खत्म कर देंगे। बाद में आप यह भी कह दिए कि नहीं भाई मुझको डर लग रहा है मुझको मार देगा। हां। आप मुझे जेड सिक्योरिटी दीजिए。

पप्पू यादव: मैं एमपी हूं सात बार हमको वो सब दिन है वाई प्लस है टेरे गैरे भेरे नेरे को तुम जेड जेड जेड जेड जेड जेड हम एज ए एमपी सबसे लड़ रहे हैं अपराधी माफिया के बारे में खुले चैलेंज है आप हमको कभी दिखा देना जिंदगी में सर इतनी तो कटकी लेके कभी नहीं चलता हूं। एक एक आप कहते हो ना कि सिक्योरिटी के लिए कोई राइफल कोई रिवॉल्वर सर इतना इतना नहीं जिंदगी में कभी मैंने किसी का सहारा नहीं लिया। चुनाव लड़ने के लिए एक भी अपराधी माफिया को जब मैं पार्टी चलाया दो-दो बार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष थे। रामविलास जी के साथ थे। लोजपा में थे। जनता दल के ऑल इंडिया में पार्लियामेंट्री बोर्ड के मेंबर थे। और क्या ऐसा माफिया और ताकत बिश्नोई का गैंग खत्म कर देंगे। मैंने कहा कि यदि कोई संविधान और कानून को चैलेंज करता और कहता है मैं सबसे बड़ा लोकतंत्र को बचाने के लिए ऐसे आदमी की जगह नहीं है और सिस्टम ऐसे नेटवर्क को खत्म कर देना चाहिए।

सवाल 17: NHAI अधिकारी को गाली

विवेक बिंद्रा: अच्छा आप सरकारी अधिकारियों को भी कहीं नहीं छोड़ते हैं। पकड़ लेते हैं। एक वायरल वीडियो सामने आई कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया NHAI के एक ऑफिसर को आप गाली गलौज करके उनको धमकी दिया। बोले लथखोरी 2 मिनट में तेरी खत्म कर दी जाएगी。

पप्पू यादव: मुझको तो समझ में नहीं आता है आप लोगों को गडकरी नहीं सुझा आपको। गडकरी ने कहा चाम उधेड़ेंगे। अपने क्वेश्चन के जवाब में यहीं उठा के फेंक देंगे। बोला तीनमाला पर से फेंक देंगे। योगी ने कहा यहीं गाड़ देंगे तुमको। आपको नजर नहीं आता। अभी एक डिप्टी सीएम महाराष्ट्र का बोला कि एक आईएएस को एम वाले में आपको योगी नजर नहीं आता क्योंकि आप हिंदू हो। आपको गडकरी जी नजर नहीं आ जाएगा क्योंकि आप बीजेपी ब्रांडेड हो बिंद्रा साहब आपको और लोग नजर नहीं आएगा पप्पू यादव एक ब्राह्मण एक लड़के से...
विवेक बिंद्रा: गडकरी जी के पास गए उनसे भी सवाल।
पप्पू यादव: भैया सुनिए ना। पप्पू यादव के पास गडकरी जी ईमानदार आदमी है सबसे अच्छे इंसान है और वो सही करते हैं अफसर लोग यह जो बेईमान चोर है यह डॉक्टर जिसके बारे में बोलते हो यह लोग अनह्यूमन है और मैं जिसके बारे में बोल रहा हूं NHAI वो पदाधिकारी नहीं है वो किसी एनजीओ का था ₹5 लाख लेकर के किसी को हटा देता है किसी को हरक लेता है वही मैंने कहा पैसा क्यों लेते हो तुम लथखोरी करते हो। क्या आपत्ति है।

सवाल 18: अर्नब गोस्वामी का किडनैप

विवेक बिंद्रा: अगले प्रश्न की तरफ चलते हैं रिपब्लिक टीवी वाले अर्नब गोस्वामी एक बार बोले क्या आप उनको किडनैप कर लिए थे ये क्या कहानी थी?

पप्पू यादव: मेंटल डिरेल्ड है वो आदमी। हां वो वो वो उसको साइको साइको वो साइकिल से आया था मेरे यहां。
विवेक बिंद्रा: साइकिल से?
पप्पू यादव: हां तब उसको था औकात क्या था इतना बड़ा चैनल कहां से आ गया माल कहां से लाया वो पैसा कहां से लाया मशीन था क्या उसको हैं ये इन लोगों का जांच होना चाहिए जिसके पास कुछ नहीं था इन लोगों का जितना भरका भरका टीवी चैनल खोल ले हम आएंगे तो जांच करेंगे पैसा कहां से लाया ये गया हमसे इंटरव्यू करने के लिए 90 के दशक में उस वक्त इसको कुछ नहीं था साइकिल था झोला लटका के गया था यह मेरे साथ भर दिन जिप्सी में घूमता रहा और घूमते घूमते मेरे गांव गया गांव में रह गया सो सुबह उठा तो बिना नाश्ता किए जा रहा था। बोला कि भैया नेता जी आ रहे हैं। साथ में नाश्ता कर लीजिए तब जाइएगा। उसको यह अपने टीआरपी के लिए पगला है। सब के सबको हम क्या बुझेंगे भैया? बाप रे बाप माल कमाने वाले सब को हम कुछ पूछते हैं। आपका हिस्सा कैसा।
विवेक बिंद्रा (समापन): देखिए पॉलिटिक्स में नैरेटिव का बहुत बड़ा गेम है। यह किसी नेता को हीरो भी बना सकता है और किसी नेता को विलेन भी बना सकता है। यह तालियां भी दिला सकता है और यह गालियां भी दिला सकता है। देखिए आप सब मैंने आज कोशिश करी कि जनता के सवाल मैं आप तक पहुंचाऊं और आपके जवाब जनता तक पहुंचाऊं। आप यहां आए पप्पू यादव जी आपने सारे सवालों का क्षमा चाहता हूं। बहुत बेबाकी से जवाब दिया और कितना मुस्कुरा के जवाब दिया उसके लिए आपका हृदय की गहराई से बहुत-बहुत धन्यवाद।

Comments