24 घंटे बिजली कटौती के खिलाफ ग्राम एक्टिविस्ट एन. के. सिंह की निर्णायक पहल

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जनहित सर्वोपरि: महेशखूंट PSS की लापरवाही पर अधीक्षण अभियंता, NBPDCL बेगूसराय को सौंपा गया लिखित शिकायत पत्र

दिनांक: 06 जुलाई 2026 | पत्रांक: 119/26

जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाने वाले ग्राम एक्टिविस्ट एवं ग्राम कचहरी बोरना के सरपंच नवल किशोर सिंह (एन. के. सिंह) ने एक बार फिर आम जनता की आवाज बनकर बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ सशक्त कदम उठाया है। महेशखूंट पावर सब-स्टेशन (PSS) की कार्यप्रणाली में लगातार हो रही अनियमितताओं, समय पर मेंटेनेंस नहीं होने तथा लगभग 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने की गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने अधीक्षण अभियंता (विद्युत), NBPDCL बेगूसराय सर्किल को पत्रांक 119/26 दिनांक 06 जुलाई 2026 के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजी।

एन. के. सिंह ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया कि महेशखूंट PSS में लंबे समय से नियमित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। परिणामस्वरूप हल्की बारिश या सामान्य तकनीकी खराबी के बाद भी घंटों तक बिजली बाधित रहती है। इस बार स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को लगभग 24 घंटे तक अंधेरे में रहना पड़ा, जिससे घरेलू जीवन, व्यापार, खेती, विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा पेयजल व्यवस्था तक प्रभावित हुई।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बिजली संकट के दौरान संबंधित कनीय अभियंता (JE) का मोबाइल फोन बंद था तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। संकट की घड़ी में अधिकारियों की यह उदासीनता आम जनता की परेशानी को और बढ़ाने वाली साबित हुई।

जनता की आवाज़ बनने का लगातार प्रयास

ग्राम एक्टिविस्ट एन. के. सिंह पिछले कई वर्षों से बोरना पंचायत, गोगरी तथा आसपास के क्षेत्रों में जनता की मूलभूत समस्याओं—बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों—को लगातार संबंधित विभागों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा दायित्व जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना है।

बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के वे लगातार सरकारी विभागों को लिखित आवेदन देकर, स्थलीय निरीक्षण कर, साक्ष्य एकत्र कर तथा जनहित के मुद्दों को सार्वजनिक मंचों पर उठाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल शिकायत करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना और आम नागरिकों को उनकी मूलभूत सुविधाएं दिलाना है।

प्रमुख मांगें

महेशखूंट PSS की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

क्षेत्र में तत्काल नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

समय पर मेंटेनेंस की स्थायी व्यवस्था लागू की जाए।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए।

भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए जवाबदेही तय की जाए।


जनहित के लिए संघर्ष जारी रहेगा

ग्राम एक्टिविस्ट एन. के. सिंह का कहना है कि बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं। यदि किसी विभाग की लापरवाही से जनता को परेशानी होती है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक जागरूक नागरिक और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि उनका अभियान किसी व्यक्ति या विभाग के विरोध के लिए नहीं, बल्कि बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के लिए है। जब तक क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध नहीं होती, तब तक वे जनता की आवाज बनकर प्रशासन के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखते रहेंगे।

"जनता की सेवा ही हमारा संकल्प है। समस्याओं को छिपाना नहीं, बल्कि समाधान तक पहुंचाना ही ग्राम एक्टिविस्ट का वास्तविक दायित्व है।"

— ग्राम एक्टिविस्ट एन. के. सिंह (नवल किशोर सिंह)
सरपंच, ग्राम कचहरी बोरना
प्रखंड: गोगरी | जिला: खगड़िया, बिहार

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