
बच्चों की भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
पेपर लीक आज पहली बार नहीं हुआ है। देश में कई बार परीक्षाओं की गोपनीयता और व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक देश के करोड़ों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता रहेगा?
एक छात्र वर्षों तक मेहनत करता है। माता-पिता अपनी जमा-पूंजी और पूरी जिंदगी की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर लगा देते हैं। बच्चे दिन-रात पढ़ाई करते हैं, सपने देखते हैं कि वे डॉक्टर बनेंगे, देश की सेवा करेंगे। लेकिन जब परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होती है, पेपर लीक होता है या परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं, तो सबसे बड़ा नुकसान उस मेहनती छात्र का होता है।
क्या किसी ने सोचा है कि उन बच्चों पर क्या गुजरती है?
कितने छात्र मानसिक तनाव में चले जाते हैं? कितने बच्चे अपने सपनों से हार जाते हैं? कितने परिवार बर्बाद हो जाते हैं?
यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है।
यह देश के बच्चों के भविष्य का सवाल है।
20 जुलाई 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में NEET और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर छात्रों ने जंतर-मंतर पर पहुंचा हुआ था। और जब छात्रों ने संसद भवन के तरफ़ चलना चाहा तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन छात्र और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले दागे कितने छात्रों का सर फटा हाथ टुटा पांव में चोंटे आई बहुत छात्रों की घायल होने की रिपोर्ट सामने आई।
लेकिन मेरा सवाल है—क्या अपने भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों और युवाओं की आवाज लाठी और बल प्रयोग से दबाई जाएगी?
लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है।
लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं है।
लोकतंत्र में सरकार और जिम्मेदार मंत्रियों से जवाब मांगना हर नागरिक का अधिकार है।
अगर परीक्षा व्यवस्था में बार-बार गड़बड़ी होती है, अगर लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, अगर देश के युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठने लगता है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
और अगर शिक्षा मंत्रालय NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की व्यवस्था और उससे जुड़े विवादों पर छात्रों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है, तो नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
यह किसी पार्टी के खिलाफ नहीं—यह देश के छात्रों के भविष्य के पक्ष में आवाज है।
हमारे देश के बच्चे वोट बैंक नहीं हैं।
वे भारत का भविष्य हैं।
बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो!
NEET परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करो!
छात्रों की आवाज मत दबाओ!