समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ज़मीन पर किए गए संघर्षों को जब मुख्यधारा की मीडिया अपनी आवाज़ देती है, तो वह प्रयास एक 'आंदोलन' बन जाता है। डॉ. कलाम जयंती पर 'आम आदमी करे पुकार' संगठन की ज़मीनी पहल को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
दैनिक जागरण (खगड़िया संस्करण) में प्रकाशित ख़बर की मूल कटिंग।
डा. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर बच्चों के बीच बांटे गए कॉपी-कलम
संवाद सूत्र, गोगरी (खगड़िया): बौरना पंचायत के मध्य विद्यालय बड़ी बौरना के प्रांगण में शनिवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइल मैन स्मृति शेष डा. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर 'आम आदमी करे पुकार' संगठन की ओर से पंचायत के जरूरतमंद बच्चों के बीच पठन पाठन सामग्रियों का वितरण किया गया। संगठन के सहायक सलाहकार विक्रम कुमार की ओर से बच्चों को कॉपी कलम आदि दिए गए।
इस मौके पर अध्यक्ष रूपेश क्रांतिकारी ने कहा कि हम सभी को डा. एपीजे अब्दुल कलाम के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। भारतीय ज्ञान-विज्ञान में उनके योगदान की भी चर्चा की गई। इस मौके पर संगठन के सलाहकार मिनहाज भारती व कोषाध्यक्ष नवल किशोर ने कहा कि लोगों की भलाई के लिए हम हर वक्त तत्पर हैं। इस अवसर पर सचिव जहीर आलम, विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा ग्रामवासी मौजूद थे।
तस्वीर का कैप्शन: बच्चों को पठन पाठन सामग्री देते संगठन के सलाहकार • जागरण
इस पूरी ज़मीनी पहल (Event) और इसके पीछे के विज़न (Vision) को विस्तार से समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पढ़ें:
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15 अक्टूबर (ग्राउंड रिपोर्ट): बच्चों को कॉपी-कलम बांटते हुए नवल किशोर सिंह और टीम की विस्तृत तस्वीरें और रिपोर्ट यहाँ देखें।
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17 अक्टूबर (विशेष संपादकीय): इस कार्यक्रम के बाद, ग्रामीण स्कूलों की जर्जर स्थिति और बच्चों के भविष्य पर डिजिटल सरपंच नवल किशोर सिंह का चिंतन— "उखड़ी दीवारें और मिसाइल मैन के सपने: एक डायरी" यहाँ पढ़ें।