"न पद का रौब, न कुर्सी का मोह। बोरना पंचायत में एक 'ग्राम एक्टिविस्ट' के रूप में मेरी सेवा के 4 साल आज पूरे हो रहे हैं। यह मेरे कार्यों और संघर्षों का खुला दस्तावेज़ है।"
मेरे प्रिय बोरना पंचायत वासियों, सादर प्रणाम!
वक्त कितनी जल्दी बीत जाता है, इसका अहसास आज हो रहा है। आज से ठीक 4 साल पहले, 22 अक्टूबर 2021 को जब मैंने 'ग्राम कचहरी सरपंच' का निर्वाचन प्रमाण-पत्र हाथ में लिया था, तो मैंने आपसे 3 वादे किए थे— निष्पक्ष न्याय, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, और पंचायत का विकास।
आज, 4 साल पूरे होने के इस अवसर पर, मैं एक 'ग्राम एक्टिविस्ट' और आपके सेवक के रूप में अपना रिपोर्ट कार्ड और संघर्षों का सचित्र ब्यौरा आपके सामने रख रहा हूँ। मैंने कभी सिर्फ पंचायत भवन में बैठकर फैसले नहीं सुनाए; जहाँ ज़रूरत पड़ी, वहाँ जनहित के लिए सड़कों पर भी उतरा।
ज़मीनी हकीकत: संघर्ष और विकास की टाइमलाइन
सरपंच का पदभार ग्रहण करने से काफी समय पहले, जब बोरना और खगड़िया बाढ़ की विभीषिका झेल रहे थे, तब मैंने नाविकों, SDM, SDO, CEO और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर नाव पर ग्राउंड ज़ीरो का मुआयना किया। सिर्फ कैलेंडर में साल बदलता रहता है, हालत आज भी सिर्फ हमसे संघर्ष ही मांग रही है। अँधा प्रशासन, बहरी सरकार।
बड़ी बोरना ढाला से छोटी भदलय ढाला तक की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी, जिसके कारण हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। 13 जनवरी 2022 को मैंने कार्यपालक अभियंता (ग्रामीण कार्य विभाग, गोगरी) को अपने आधिकारिक लेटरहेड (पत्रांक- 01) पर बोल्डर पिचिंग और मिट्टी भराई के लिए पत्र सौंपा।
जनवरी में दिए गए पत्र का असर यह हुआ कि काम शुरू हुआ। पंचायत की सड़कें जीवन रेखा होती हैं, और ठेकेदारों की मनमानी रोकने के लिए 17 मार्च 2022 की शाम 06:07 बजे मैं और वार्ड सदस्य ज़हीर आलम स्वयं ग्राउंड पर मौजूद रहे। यह तस्वीर उसी समय के जियो-लोकेशन (Geo-Location) डेटा के साथ सुरक्षित है।
पानी हर पंचायतवासी का हक है। जब नल-जल योजना और जलापूर्ति में कोताही बरती गई, तो मेरी शिकायत पर पीएचइडी विभाग के ई.ई. (EE) संतोष कुमार के आदेश पर तुरंत जांच शुरू की गई। 30 जुलाई 2022 को जांचकर्ता इंद्र भूषण यादव (जिला सुपरवाइजर, खगड़िया) स्वयं पंचायत में पहुंचे।
पंचायत का विकास केवल सड़कों और ईंट-पत्थर से नहीं, बल्कि वहां की महिलाओं के आत्मनिर्भर होने से होता है। मार्च 2024 में हमने MSME विभाग के सहयोग से बोरना में महिलाओं के लिए स्वरोज़गार का एक सफल कदम उठाया।
जब महिलाएं घर से बाहर निकलकर काम करती हैं, तो समाज में कई तरह की बातें बनती हैं। लेकिन महिलाओं को प्रेरित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए मैंने अपने संबोधन में उनसे स्पष्ट कहा कि "पड़ोसी क्या कहेंगे, इसकी परवाह छोड़ें और अपने पैरों पर खड़ी हों।"
महेशखूंट बाजार केशव चौक से लेकर झिकटिया पंचायत भवन तक जर्जर पड़ी सड़क की मरम्मती के लिए हमने एक लंबी लड़ाई लड़ी। 17 दिसंबर 2024 (पत्रांक- 64/24) को हमने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को सीधे ज्ञापन सौंपा। इस संघर्ष में महेशखूंट थानान्तर्गत आने वाले तमाम पंचायत के लोग गवाह बने और 19 दिसंबर 2024 को अखबारों ने भी इसे प्रमुखता से छापा।
भ्रष्टाचार का नंगा खेल और हमारा कड़ा विरोध
दबाव और जन-आंदोलन के बाद, जब 30 दिसंबर 2024 को सड़क मरम्मत का काम शुरू हुआ, तो दस्तूर देखिए! भ्रष्टाचारी ठेकेदारों का मनोबल इतना उफान पर था कि उन्होंने दिन-दहाड़े न केवल दो नंबर का घटिया काम किया, बल्कि जनता के सामने सीनाज़ोरी करते हुए खुला चैलेंज भी दिया कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
यह 'सिस्टम' इतना बेशर्म और दुष्ट है कि जनता के सामने खड़े होने के बाद भी भ्रष्टाचार से बाज नहीं आता। लेकिन हम झुकने वाले नहीं थे! "आम आदमी अधिकार संगठन" (AAAS) और स्थानीय जनता ने मिलकर इस नंगे खेल को न सिर्फ रोका, बल्कि इसके प्रत्यक्ष प्रमाण (Videos) सोशल मीडिया पर उजागर कर दिए:
अड़ंगे,
— Aam Admi Adhikar Sangathan (@sangathan) January 1, 2025
भिड़ेंगे,
लड़ेंगे।
अपने हक हकूक के लिए ओ साथी।
AAAS अड़ गया। भीड़ गया, तो जनता भी साथ आ गई।
लेकिन दस्तूर देखिए, ये भ्रष्ट सिस्टम इतनी बेशर्म और दुष्ट है कि जनता के सामने खड़े होने के बाद भी भ्रष्टाचार से बाज ना आई। सड़क की मरम्मत में लोगों पैसों का लूट का नंगा खेल देखिए। pic.twitter.com/EnEw5b4HJG
"सिस्टम"
— Aam Admi Adhikar Sangathan (@sangathan) January 2, 2025
हां ये सिस्टम!
ये सिस्टम इतना "ताकतवर" है कि हमारे लाख संघर्ष के बाद भी ये अपने भ्रष्ट करतूत से बाज नहीं आता। ना कोई शर्म ना कोई भय।
"आस संगठन" के सभी साथी और समाज के लोगों के आवाज उठाने और सड़क के लिए लड़ने के बावजूद दिन दुपहर मरम्मत में भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष प्रमाण pic.twitter.com/2l0cWV7tIZ
आगे का रास्ता: संकल्प अभी बाकी है
इन 4 सालों में मैंने ग्राम कचहरी में न्याय से लेकर, महिलाओं के रोज़गार और पंचायत की सड़कों के लिए अधिकारियों व ठेकेदारों से सीधी टक्कर ली है।
अभी काम पूरा नहीं हुआ है। मेरे कार्यकाल का जो भी समय शेष है, मैं उसे बोरना को एक 'आदर्श और डिजिटल पंचायत' बनाने में पूरी तरह समर्पित करूँगा। आपके अटूट विश्वास और साथ के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद!
आपका अपना,
नवल किशोर सिंह
सरपंच, ग्राम पंचायत बोरना
पंचायत के विकास में अपना योगदान दें!
भ्रष्टाचार के खिलाफ सबूत या पंचायत की समस्याएँ नवल किशोर सिंह को सीधे ईमेल करें:
mail@nksingh.in