कौशल विकास प्रशिक्षण: सरपंच नवल की कोशिशों से गाँव आया MSME मंत्रालय

कहते हैं की शक्ति का मोल तभी है जब उसका प्रयोग कमजोरो के उत्थान में किया जाये. नवल किशोर सिंह साल 2021 में बिहार पंचायत चुनाव में जब बोरना पंचायत का सरपंच की उम्मीदवारी दाखिल किया था, तब लोगों के मन में यही शक था-
"अगर ये सरपंच बन जाता है, तो अभी तो इमानदारी का आवाज उठा रहा है जबतक की मौका नहीं मिला है. और मौका मिलते ही बांकी सब सरपंच के तरह ही ये भी सब काम में तीन सौ-पांच सौ करने लगेगा"

"थाना की दलाली, ब्लॉक का दलाली, पंचैती में दलाली करके पईसा कमाएगा."

आज 5 साल होने को आये, नवल किशोर सिंह सरपंच की तरह नहीं बल्कि आज भी एक एक्टिविस्ट की तरह ही लोगो के उत्थान के लिए जो भी बेस्ट पॉसिबल हो सकता है वो करने में लगा हुआ है. चाहे मामला उसके पंचायत का हो या किसी और पंचायत का हो. जन-कल्याण के लिए इस देश में एक्टिविज्म की जरुरत है, और एक्टिविज्म में नवल जैसे लोगों के पास कोई पद का होना उनके एक्टिविज्म को और धार देता है.

नवल किशोर सिंह के प्रयास से बोरना में MSME मंत्रालय का कौशल विकास प्रशिक्षण  वर्कशॉप (दिनांक 01 फरवरी 2026) -

वर्कशॉप का उद्घाटन करते खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के नोडल अधिकारी गोपाल कुमार सिंह, उद्घाटन के बाद नवल किशोर जी को बुके देकर सम्मानित करते हुए.

MSME यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के मकसद से ब्यूटीशियन प्रशिक्षण और ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत कुम्भकलाकरों के  सशक्तिकरण के लिए देशभर में ट्रेनिंग कैंप और वर्कशॉप का प्रोग्राम चलाया जाता है.

प्रशिक्षण वर्कशॉप गाँव कैसे आया?
( workshop ट्रेनिंग उद्घाटन की तस्वीरें देखने के लिए यहाँ 👉क्लिक करें )

सरपंच नवल जी ने इस योजना के 

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