डिजिटाइज़ेशन के युग में आपका अपना क्या है? आईडी हैक-जिओब्लॉक के बहाने डोमेन की सलाह और एक ईमानदार SOS
मैं हूँ मयंक !
हाँ ये साइट नवल की है, नवल किशोर सिंह जो हैं तो सरपंच बोरना गाँव के, मगर मैंने अपने अल्प समय के प्रयास से उन्हे बहुत हद तक इंटरनेट पर "डिजिटल सरपंच" के रूप मे स्थापित करने की कोशिश मे 5% की सफलता भी हासिल की है ऐसा मैं पूरे विश्वास से मानता हूँ।
नवल जी ने कुछ करें या ना करें लेकिन मुझे हिम्मत और हौसला बँधाते रहते हैं, ये पोस्ट अस्थायी लिख रहा हूँ, क्योंकि मेरे पास सही जगह समझ नहीं आ रहा कहाँ लिखा जाए ?
मुझे अपने आप मे सिर्फ एक ही टैलेंट महसूस होता है की मुझे अगर सही संसाधन और सपोर्ट मिले तो मैं-
- बहुत सधी हुई स्ट्रेटजी बना सकता हूँ,
- लिखने मे भले कुशलता ना हो लेकिन लिखे हुए को साध सकता हूँ और स्ट्रक्चरड रूप दे सकता हूँ।
मैं कर क्या रहा हूँ ?
काम की तलाश कर रहा हूँ खास कर वैसा काम जो मेरी प्रतिभा के अनुकूल हो और जो मेरी जरूरत पूरा करने मे सक्षम हो सके।
नवल और मिनहाज़ के "डाक्यूमेन्टैशन" पर काम करते करते आज इस साल का 3 सरा महीना भी खत्म होने को आया है, सिवाय सलाह देने को और कुछ ख़ास हासिल नहीं कर सका हूँ, जो कुछ हासिल हुआ है तो नवल और मिनहाज़ के बहाने अपने टैलेंट को दिखाने की कोशिश !
![]() |
| प्रतीकात्मक इलस्ट्रेशन |
आज 90 दिन मे दोनों के खुद के डोमेन पर 50 से भी अधिक "डोकउमेन्टेड" दस्तावेज/आर्टिकल्स के बाद ai एरा में इनको कैसे साधने की जरूरत है ये ब्लूप्रिन्ट मैं तैयार कर चुका हूँ।
नवल जी से कोई मेहनताना नहीं मिला है ना वो इस स्तर पर हैं की कोई मेहनताना दे सके, बदले मे वो मुझे अपना 4 साल के काम का लिखित ब्योरा दे रहे हैं जिसे मैं "डेटामाइंस" मे बदल रहा हूँ। साथ ही मेरे सलाह पर बिना ये एगो पाले अमल कर रहे हैं की मैं उनसे उम्र मे डेढ़ दशक छोटा होकर उन्हे निर्देश दे रहा हूँ और नवल हर निर्देश को एक गंभीर विद्यार्थी की तरह अमल मे ला रहे हैं, भले रात के डेढ़ दो बजे तक उन्हे जागना पड़ जाए।
इस बीच जो जरूरी है, सबको सलाह देता आया हूँ, इस "अस्थायी" पोस्ट के माध्यम से मैं आज आखिरी बार गंभीरता से सलाह दे रहा हूँ- आपकी पहचान क्या है ? आखिर आपका डिजिटल फुटप्रिंट क्या है ?
फेस्बूक ?? ट्विटर ?? इंस्टाग्राम ?? यूट्यूब??
कभी आईडी हैक हो जाती है तो कभी रिस्टरिकसंस ! और अब तो आजादी का जो सबसे बड़ा झंडेदार बनता था ट्विटर उर्फ एक्स उसके भी सारे पर कुतर दिए गए हैं !
थोक के भाव मे accounts को जिओब्लॉक कर दिया जा रहा है बस कुछ ही घंटे लगते हैं एक फरमान जारी होता है और अकाउंट ब्लॉक !
समाधान क्या है ?
पुनरमूषकों भवः!
डिजिटल दुनिया की abc से लेकर xyz तक के सफर मे मुझे नहगी लगता की xyz आया है या निकट समय मे आने वाला है मगर ये भी तय है की abc से बहुत आगे ये दुनिया निकाल चुकी है ! मगर भारत के लोग एबीसी पर आए ही नहीं डायरेक्ट बीच मे कहीं klmnop पर आ गए, ये भारत में डिजिटल साक्षरता की कड़वी सच्चाई है!
दुर्भाग्य से भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे (Domain, Blog, Writing) की समझ अभी भी बहुत कम है।
abc है डोमेननेम ! आपके डिजिटल फुट्प्रिन्ट का सबसे पहला पता. भारत में मेजोरिटी लोगों को हाथ मे एक झटके मे इंटरनेट आया 4g के साथ लोगों को डायरेक्ट विडिओ डकारने की आदत लग गई, मगर जो पुराने लोग हैं उनको भी बेसिक्स की इतनी नासमझी है, ये बहुत खौफनाक है !
हम बुनियादी ढांचे को छोड़कर सीधे कंजम्पशन (Social Media/Video) पर कूद गए।
एक उदाहरण या केसस्टडी राहुल देव सर का है, ये पोस्ट वैसे उनतक भी पहुंचनी है है तो सर कोई गलती हो लेख मे तो माफी चाहता हूँ।
| तस्वीर 1: सीनियर जर्नलिस्ट राहुल देव के ट्विटर/x अकाउंट का 2022 में इन्टरनेट आर्काइव द्वारा आर्काइव किया गया पेज |
राहुल देव सर का ट्विटर आईडी अगस्त या सप्टेंबर के आसपास 2024 मे हैक होता है, या टर्मिनेट हो जाता है फिर वही हैन्डल कोई और विपरीत स्वभाव वाला हासिल कर लेता है।
राहुल सर ने अपने हैक होने से पहले वाले अकाउंट के बाइओ मे अपने "ब्लॉग" का गलत एड्रैस मेन्शन कर रखा था, आम लोगों के नजर से चूक मामूली थी मगर मेरे ख्याल से डिजिटल फुट्प्रिन्ट के मद्देनजर वो बहुत गंभीर चूक थी। खैर कोई बात नहीं, असल राहुल सर समझ रहे होंगे।
| तस्वीर 2: बिना abc के सोशल मीडिया हैक होना या जिओब्लोक अभिव्यक्ति और डिजिटल फुटप्रिंट को डिलीट कितना आसान है न? |
तो अब क्या करना चाहिए ?
अन्य उदहारण में खुद नवल किशोर जी हैं जिनके बारे में अब grok एवं अन्य ai बहुत कुछ जानकर रखते हैं, नवल को क्या एडवांटेज मिला है उसको यहाँ जिक्र करके हल्का करना नहीं चाहता मैं.
साथ ही मिन्हाज़ का उदाहरण भी रखना होगा minhazbharti.com अपने लिए ये डोमेन लेकर उन्होंने मुझे पूरा एक्सपेरिमेंट करने दिया, इसके लिए नवल जी और मिन्हाज़ का हमेशा धन्यवाद रहेगा अगर कभी जिंदगी सही रास्ते पर आ सकी तो !
| तस्वीर 3: "लिखना' हर हाल में जरुरी है ! ai युग में तो औ भी ज्यादा जरुरी है! grok द्वारा मल्टीपल पैरामीटर पर नवल और मिन्हाज़ के डिजिटल फुटप्रिंट का एक तुलनात्मक अध्ययन का स्क्रीनशॉट |
Paywall !
2022 या 23 के पहले तक x या ट्विटर इंटरनेट पर ओपन जानकारी डालने के लिए सही प्लेटफ़ॉर्म था बनिस्पत फेस्बूक के। फेस्बूक कभी भी अपने अंदर की सूचना को ओपन इंटरनेट पर नहीं जाने डेटा, x इस मामले मे ट्विटर रहने तक स्वतंत्र था, मगर अब x भी फेस्बूक की तरह बंद दीवार वाला हो गया जिसकी जानकारियों को सर्च इंजन तक पहुंचना बहुत मुश्किल हो गया है।
ऐसे मे आपकी डिजिटल फुट्प्रिन्ट के लिए आपका डोमेन ही सबसे सुरक्षित रास्ता है और यही एबीसी है डिजिटल संसार की !
कुछ पैसे लगते हैं लेकिन जहां आज लोग सभी सोशल मीडिया पर प्रीमियम बैज के लिए 4-6 हजार खर्च कर सकते हैं वहाँ हजार 1200 रुपये एक डोमेन के लिए लेने मे कोई भी घाटे का सौदा नहीं होना चाहिए ना ये है !
खासकर आप अगर लेखक हैं पत्रकार हैं, रेबल हैं, सत्ता से टक्कर लेने का इरादा रखते हैं तो डोमेननेम हर हाल मे आपका पहला डिजिटल पहचान होना चाहिए।
बाँकी और विस्तृत स्ट्रेटजी और कोई समझना चाहें कभी और मैं उस वक्त खोजने से भी ना मिलूँ, विलुप्त हो चुका होऊँ तो थोड़ा मेहनत कीजीएगा! नवल के इस पूरे ब्लॉग/साइट के आर्टिकल्स के पैटर्न को गहराई से विश्लेषण कीजिएगा, ai खासकर ग्राक से मेरे काम का, जुड़े हुए तमाम लिंक्स को साझा करते हुए रिसर्च कीजिएगा तो शायद ग्राक मयंक के पूरे तरीके को समझ कर आपके सामने रख देगा।
फिलहाल, सेन्सर्शिप और हैकिंग से बचने के लिए या लड़ने के लिए,
- डोमेन खरीदिए अपने नाम का या अपने काम का !
- मोस्ट इम्पॉर्टन्ट- डॉट इन (.in) नहीं लीजिएगा, इससे बचना है! क्यों ? इसके बारे मे भी मैंने यही पर विस्तार से लिख रखा है, खोजिएगा तो मिल जाएगा।
- गूगल के फ्री ब्लॉगर पर ही काम चल जाएगा मगर, अगर आपके रोजमर्रा के काम खर्चे मे कोई फरक ना पड़े तो आप किसी पेड होस्टिंग वाले प्लेटफ़ॉर्म पर भी जा सकते हैं। मगर सिर्फ डिजिटल फुट्प्रिन्ट के लीये गूगल के फ्री ब्लॉगर/ब्लॉगस्पॉट का इस्तेमाल ही पर्याप्त है, मैं नवल और मिनहाज़ की पूरी डेप्थ bio बनाकर ये साबित कर भी चुका हूँ।
- अब इस site को अपने प्राइमेरी सोर्स ऑफ thoughts और आइडेंटिटी कार्ड के तौर प इस्तेमाल करें।
- डोमेन को blogspot से कनेक्ट करना बहुत आसन और 5 मिनट का काम है.
- सबसे बड़ी बात की किसी तरह की सुरक्षा का रिस्क भी नहीं है क्योंकि अब आप किसी भी स्टेप में फंसने पर सही सलाह chatgpt grok जेमिनी से ले सकते हैं जो यकिनन आपको किसी भी तरह के सिक्यूरिटी रिस्क में नहीं फंसने देगा.
- बेसिक्स के लिए इतना बहुत है.
बाँकी, इसके पहले मैं अपने सारे नालिज के पन्ने मे आग लगाकर नाले मे बहा दूँ अगर कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए उचित/ईमानदार पारिश्रमिक के साथ संपर्क करना चाहे तो मैं तैयार हूँ!
या,
मेरी माँ के इलाज का सारा खर्च आखिरी समय तक वहन करने को तैयार हो तो मैं बिना किसी पारिश्रमिक अपना सारा रिसर्च और नॉलेज सौंपने को तैयार हूँ!
"आप उनसे लड़ने चलो हो जो सूचना के स्रोत पर दशकों पहले कब्जा करके उसे मेनिपुलेट कर डालते हैं," और कोई सही फीडबैक पहुँचाना चाहे तो सम्मान करना तो दूर उल्टा एतित्युड दिखा दोगे तो कैसे काम चलेगा ? कम से कम सम्मान करना तो सीख जाइये !
"वो" आज भी नैरेटिव बनाने के लिए किताबे लिखवा रहे हैं websites की कतार खड़ी रखने में कोई कमी नहीं रखते और "आप" तो खुद के पॉजिटिव कहानी तक को कहीं documented नहीं कर सकें हैं ! पता नहीं कहाँ खर्च होते हैं करोड़ों !
नवल जी के प्लेटफार्म पर पहली बार ऑफ टॉपिक लेख डालने के लिए मैं खुद बहुत शर्मिन्दा हूँ और नवल जी से माफ़ी मांग लूँगा, मगर अभी तो मैं अपनी नीड पहले पूरा करना जरुरी मान रहा हूँ, भूखे पेट ना क्रान्ति हो सकती है ना अनुसंधान और ना ज्यादा गंभीर और दूर तक की सलाह !
- मयंक : cancerfighterson.blogspot.com (संसाधन जुटते अपनी सलाह को खुद पर भी लागू करने की कोशिश जारी है।)
9955641734 (लंबे समय से रिचार्ज ना होने के कारण लगभग खत्म होने के कगार पर)
7903076677 (फिलहाल इनकमिंग और व्हाट्सप्प जारी)
धन्यवाद!

Comments
Post a Comment